Jharkhand

विनय चौबे की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में 21 जुलाई को सुनवाई, सबकी नजर फैसले पर

Rashmi Prasad CE
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विनय चौबे की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में 21 जुलाई को सुनवाई, सबकी नजर फैसले पर

रांची (RANCHI): झारखंड के बहुचर्चित भूमि घोटाले में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 21 जुलाई को सुनवाई करेगा. विनय चौबे ने झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उनकी जमानत याचिका 21 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है. मामले की सुनवाई जस्टिस अरविन्द कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वारले की खंडपीठ करेगी. इस सुनवाई पर राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है, क्योंकि मामला बहुचर्चित भूमि घोटाले से जुड़ा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद यह तय होगा कि विनय चौबे को अंतरिम राहत मिलती है या उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा.

इससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद विनय चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल करते हुए जमानत की मांग की. उनके अधिवक्ताओं का तर्क है कि लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रहने और जांच की प्रगति को देखते हुए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए. वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और इसकी जांच अभी भी महत्वपूर्ण चरण में है.बता दें, विनय चौबे जिस मामले में आरोपी हैं, वह हजारीबाग जिले के बहुचर्चित लैंड स्कैम से संबंधित है. इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज की थी. जांच के दौरान एसीबी ने कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है. इनमें विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी शैलेश कुमार, ब्रोकर विजय सिंह सहित कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं. एसीबी इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और कथित भूमि घोटाले में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल जारी है.