रांची (RANCHI): झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी ने गुरुवार को रांची की एजेसी एसएन तिवारी की अदालत में आत्मसमर्पण किया. सरेंडर के बाद उन्होंने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी.
सुनील तिवारी के खिलाफ घरेलू सहायिका (नौकरानी) ने गंभीर आरोप लगाते हुए अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उससे जबरन काम कराया गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था.
यह मामला वर्ष 2021 में दर्ज हुआ था और इसकी सुनवाई एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों की विशेष अदालत में चल रही थी. इसी क्रम में सुनील तिवारी ने अदालत में उपस्थित होकर सरेंडर किया. सुनवाई के दौरान अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर उन्हें राहत दे दी. मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है और अदालत में आगे की सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी. यह मामला उस समय काफी चर्चा में आया था, क्योंकि इसमें राज्य की राजनीति से जुड़े एक प्रमुख चेहरे का नाम सामने आया था.
