Jharkhand

JPSC-JSSC आंदोलन के 13वें दिन बिगड़ी छात्र की तबीयत, अस्पताल में भर्ती

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा मैदान में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. आंदोलन अब 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है. कई अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं. इसी बीच अनशन कर रहे छात्र राहुल क्रांति की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया. जानकारी के अनुसार, छात्र पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना और अनशन कर रहे थे. लगातार भूखे रहने और पर्याप्त पोषण नहीं मिलने के कारण राहुल क्रांति की तबीयत अचानक खराब हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उन्हें तेज चक्कर आया और वह अनशन स्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़े. घटना के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों में अफरा-तफरी मच गई.

स्थिति गंभीर होते ही साथी छात्रों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी. स्थानीय पुलिस की मदद से राहुल क्रांति को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. चिकित्सकों के अनुसार लगातार अनशन के कारण उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल काफी नीचे चला गया था, जिससे शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ गई. फिलहाल उन्हें ड्रिप और आवश्यक दवाएं देकर स्वास्थ्य स्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है. इधर, आंदोलन को और व्यापक समर्थन मिलने लगा है. जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) ने भी आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया है. संगठन ने शुक्रवार को झारखंड विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है. AISA की प्रदेश अध्यक्ष नेहा बोरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है.

विधानसभा घेराव के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. उधर, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.