Jharkhand

कोयला घोटाले में बढ़ी हलचल! एलबी सिंह की पत्नी से ED कर रही पूछताछ, 160 करोड़ के निवेश से जुड़ा कनेक्शन

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच अब उनके परिवार तक पहुंचती नजर आ रही है. इसी कड़ी में एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह आज यानि की सोमवार को ईडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचीं. ईडी की ओर से जारी समन के तहत आरती सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. कार्यालय पहुंचने के बाद अधिकारियों ने जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की और इसके बाद उनसे पूछताछ शुरू की गई. आरती सिंह की ईडी कार्यालय में पेशी को कोयला घोटाले से जुड़ी जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है. दरअसल, इस मामले में ईडी पहले ही कई स्तरों पर वित्तीय लेनदेन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. इसी जांच के दौरान सामने आए कुछ निवेशों ने आरती सिंह को भी जांच के दायरे में ला दिया.

160 करोड़ रुपये के निवेश पर जांच का फोकस
बताया जा रहा है कि कोयला घोटाले से जुड़े दूसरे चरण की छापेमारी के दौरान ईडी ने करीब 160 करोड़ रुपये के वित्तीय निवेश को फ्रीज किया था. छापेमारी के दौरान एजेंसी को बड़ी संख्या में वित्तीय दस्तावेज और निवेश से संबंधित रिकॉर्ड मिले थे. इन्हीं दस्तावेजों की जांच के दौरान आरती सिंह के नाम पर किए गए कुछ निवेश का भी पता चला. ईडी अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि उनके नाम पर दर्ज निवेश की रकम का स्रोत क्या था, पैसा कहां से आया और इन निवेशों का कोयला कारोबार से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन से कोई संबंध है या नहीं. हालांकि, इन सवालों को लेकर पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी पर ही आगे की तस्वीर साफ होगी.

ईडी ने आरती सिंह को निवेश से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर पहले भी दो बार समन जारी किया था. हालांकि, दोनों मौकों पर वह एजेंसी के सामने पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुईं और समय देने का अनुरोध किया था. इसके बाद ईडी ने उन्हें तीसरी बार समन जारी कर 31 अगस्त को रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने को कहा. निर्धारित तारीख पर आरती सिंह ईडी कार्यालय पहुंचीं, जिसके बाद अधिकारियों ने पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी.

फिलहाल ईडी की पूछताछ में किन बिंदुओं पर जानकारी ली जा रही है और आरती सिंह के जवाबों से जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर है. माना जा रहा है कि निवेश से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने के लिए ईडी उनसे विस्तृत जानकारी हासिल कर रही है. कोयला घोटाले से जुड़े इस मामले में आगे की जांच के दौरान अगर किसी नए वित्तीय लेनदेन या निवेश का खुलासा होता है, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है.