रांची (RANCHI): झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता मैपिंग की प्रक्रिया अब तेज गति से आगे बढ़ रही है. चुनाव आयोग और प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान में अब तक राज्य के लगभग 78 प्रतिशत लोगों की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 22 प्रतिशत कार्य अभी बाकी है. प्रशासन का लक्ष्य तय समय के भीतर शत-प्रतिशत मैपिंग पूरी करना है, ताकि मतदाता सूची को और अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनाया जा सके.
इस प्रक्रिया की जमीनी हकीकत जानने के लिए जब द न्यूज़ पोस्ट की टीम मैपिंग बूथ पर पहुंची और वहां मौजूद लोगों से बातचीत की, तो अधिकांश लोगों ने कहा कि मैपिंग का काम व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है. हालांकि कई लोगों का मानना था कि यदि इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन सुविधा से भी जोड़ा जाता तो लोगों को और अधिक सहूलियत मिलती. लोगों ने बताया कि नौकरीपेशा लोगों को कार्यालय जाना पड़ता है, जबकि छात्रों को स्कूल और कॉलेज जाना होता है. ऐसे में समय निकालकर मैपिंग केंद्र तक पहुंचना कई बार मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि कुछ लोगों की भागीदारी अंतिम दिनों में बढ़ी है.
कुछ लोगों ने यह भी शिकायत की कि मैपिंग प्रक्रिया के दौरान उन्हें अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है. उनका कहना था कि कई बार सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण काम रुक जाता है. वहीं कुछ मामलों में दस्तावेजों की जांच में भी अतिरिक्त समय लग जाता है, जिससे लोगों को इंतजार करना पड़ता है. इसके अलावा कुछ परिवारों ने यह समस्या भी बताई कि एक ही परिवार के सदस्यों के मैपिंग केंद्र अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं. इससे उन्हें कई केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
वहीं इस संबंध में जब बीएलओ अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों की तुलना में अब लोगों की भागीदारी काफी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि अंतिम चरण में बड़ी संख्या में लोग मैपिंग केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं. अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मैपिंग केंद्रों की जानकारी पहले से ही सार्वजनिक की गई थी और लोगों को समय रहते इसकी जानकारी दी गई थी. उन्होंने कहा कि लोगों को केवल थोड़ी जागरूकता और सतर्कता दिखाने की आवश्यकता है.
बीएलओ अधिकारी ने यह भी बताया कि SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित मतदाताओं का बूथ एक ही स्थान पर सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो. उन्होंने लोगों की शंकाओं को दूर करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया बेहद सरल है और इसके लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है. सरकार और चुनाव आयोग द्वारा जिन 11 दस्तावेजों को मान्य किया गया है, केवल उन्हीं में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं. यदि सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध हों तो पूरी मैपिंग प्रक्रिया लगभग 10 मिनट के भीतर पूरी की जा सकती है.
कुल मिलाकर झारखंड में मैपिंग अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है. हालांकि कुछ तकनीकी और व्यवस्थागत चुनौतियां सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन का दावा है कि इन समस्याओं का समाधान लगातार किया जा रहा है. लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे समय रहते मैपिंग प्रक्रिया में भाग लें और अपने दस्तावेजों के साथ केंद्र पहुंचकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें.
