☰
Jharkhand

झारखंड में अबुआ दवाखाना के लिए 22.35 करोड़ रुपये आवंटित, एक ही जगह मिलेंगी पांच पद्धतियों की दवाएं

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

रांची(RANCHI): झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार अबुआ दवाखाना योजना पर काम कर रही है. इस योजना के तहत राज्य में अबुआ दवाखाना की स्थापना और संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 22.35 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसका मकसद मरीजों को एक ही जगह पर अलग-अलग चिकित्सा से जुड़ी दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.

योजना के तहत मरीजों को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा चिकित्सा से जुड़ी सुविधाएं देने की तैयारी है. इससे लोगों को अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों की दवाओं के लिए कई जगहों पर भटकना नहीं पड़ेगा. स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना के लिए 12 अक्टूबर 2026 को राशि आवंटित करने का आदेश जारी किया था.

राशि निकालने की व्यवस्था में बदलाव

अबुआ दवाखाना योजना के लिए आवंटित राशि की निकासी और खर्च से जुड़ी व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने 27 अक्टूबर को इस संबंध में शुद्धि पत्र जारी किया. पहले राशि निकालने और खर्च करने की जिम्मेदारी आयुष निदेशक को दी गई थी. लेकिन अब यह जिम्मेदारी आयुष निदेशालय, रांची की उप निदेशक (यूनानी) डॉ. नज़हत सुल्ताना को सौंपी गई है. इसके साथ ही राशि की निकासी के लिए कोषागार भी बदल दिया गया है. पहले यह काम रांची कोषागार से होना था, लेकिन अब इसके लिए डोरंडा कोषागार निर्धारित किया गया है.

खर्च का देना होगा पूरा हिसाब

विभाग ने आवंटित राशि के इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए भी व्यवस्था तय की है. योजना पर खर्च होने वाली रकम का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रधान महालेखाकार, झारखंड को देना होगा. इसके अलावा, हर तीन महीने में खर्च की गई राशि का सत्यापन भी कराया जाएगा.

इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि योजना के लिए जारी पैसा तय कामों में खर्च हो और उसका पूरा हिसाब विभाग के पास रहे. हालांकि, योजना के तहत दवाखानों की संख्या, उनके शुरू होने की तारीख और अलग-अलग केंद्रों पर मिलने वाली सुविधाओं को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है.