टीएनपी डेस्क(TNP DESK):सरकार की ओर से हर महीने राशन कार्ड योजना के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लाभुकों को मुफ्त में राशन दिया जाता है.वहीं, झारखंड में अब राशन कार्ड धारकों को लेकर सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. राज्य की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) से जुड़े करीब 68 लाख कार्डधारकों को अब अपनी जाति बतानी होगी, क्योंकि सरकार राशन कार्डों में जाति का ब्यौरा दर्ज कर रही है.
सभी जातियों के कार्डधारकों को समान नियम
आपको बता दें कि यह नियम किसी एक विशेष वर्ग के लिए लागू नहीं किया गया है, बल्कि सभी जातियों के कार्डधारकों को समान रूप से अपनी जाति की जानकारी देनी होगी यानी अब NFSA और JSFSS से जुड़े करीब 68 लाख कार्डधारकों को अपनी जाति का विवरण देना होगा.यदि आप अपने राशन कार्ड में जाति जुड़वाना चाहते हैं, तो इसके लिए केवल डिजिटल जाति प्रमाण पत्र ही स्वीकार किया जाएगा.यह काम पीडीएस दुकानदारों को सौंपा गया है, जो पीओएस मशीन और मोबाइल ऐप के जरिए राशन कार्ड में जाति अंकित करेंगे.
सफ़ेद राशन कार्ड और PVTG के लाभुकों को इस प्रक्रिया से छूट
हालांकि, प्राथमिकता वाले सफ़ेद राशन कार्ड और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के लाभुकों को इस प्रक्रिया से छूट दी गई है. उन्हें अपनी जाति बताने की आवश्यकता नहीं होगी.झारखंड सरकार का राशन कार्ड में जाति पूछने के पीछे का मकसद स्पष्ट है.सरकार का मानना है कि इससे जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और सही लाभुकों तक योजना का लाभ पहुंचेगा. साथ ही, एक सटीक डेटाबेस तैयार करना आसान होगा, जिससे सरकार को यह जानकारी मिल सकेगी कि कितने लाभुक इस योजना का लाभ ले रहे है.
5 जुलाई से शुरू हो गई है प्रक्रिया
आपको बता दें कि 5 जुलाई से राशन कार्ड में डिजिटल जाति प्रमाण पत्र जोड़ने का ऑनलाइन काम शुरू किया जा चुका है.इस अभियान के तहत अब तक 319 राशन कार्डों में जाति अंकित की जा चुकी है.वहीं, अन्य राशन कार्डोंd में भी जाति जोड़ने का काम सरकार की ओर से तेजी से किया जा रहा है. पुराने राशन कार्ड में जाति जुड़वाने और नए राशन कार्ड बनवाने के लिए केवल डिजिटल जाति प्रमाण पत्र ही स्वीकार किया जाएगा.
राशन कार्ड में डिजिटल जाति प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी
सरकार की ओर से राशन कार्ड में डिजिटल जाति प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी किया गया है.हालांकि, यदि कोई लाभुक जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करा पाता है, तब भी उसका राशन बंद नहीं होगा.पहले भी राशन कार्ड में जाति अंकित करने का प्रावधान था, लेकिन उस समय केवल लगभग 30 प्रतिशत लोगों की जाति ही कार्ड में दर्ज की गई थी और प्रमाण पत्र अपलोड नहीं किया जाता था.अब डिजिटल प्रमाण पत्र जमा करना आवश्यक कर दिया गया है.
पीडीएस दुकानदारों को सौंपी गई है जिम्मेदारी
पीडीएस दुकानदार ई-पॉस मशीन और मोबाइल ऐप के माध्यम से राशन कार्ड में जाति अंकित कर रहे है.इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है. साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई राशन डीलर इस कार्य के लिए अलग से कोई पैसा वसूलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
