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Jharkhand

प्यार में मजहब बनी दीवार, एक साथ जोड़े ने खत्म कर ली ज़िंदगी, आखरी बार कहा साथ में दफन कर देना

Samir Hussain
Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर

रांची (RANCHI): प्यार, मजहब जाती धर्म नहीं देखता. जिसे देख कर पहली दफा जब दिल में कुछ होता है तो जोड़े फिर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा एक दूसरे से कर लेते है. लेकिन हर किसी का प्यार मुकाम तक नहीं पहुंचता. कुछ प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत होता है. जिसके बाद सिर्फ किस्से और कहानी में वह हमेशा जिंदा रह जाते हैं. एक ऐसी ही दर्दनाक प्रेम कहानी जामताड़ा से सामने आई है जहां समाज के दुश्मनों ने एक जोड़े को प्यार करने से रोका तो दोनों को लगा की जब एक साथ नहीं रह सकते है तो फिर जिंदा रह कर क्या करेंगे. बस जोड़े ने एक साथ ज़िंदगी खत्म कर ली.

मामला अपने आप में खौफनाक है. जहां जामताड़ा में दो नाबालिग जोड़े को प्यार हुआ. दोनों एक साथ घूमते एक साथ चाय की टपरी पर समय बिताते और अपने भविष्य को देखते थे. जहां बड़े होने के बाद शादी और फिर आगे की ज़िंदगी के खुशहाल सपने देख रहे थे. लेकिन दोनों को मालूम नहीं था की उनके प्यार में धर्म एक रोड़ा बन जाएगा. समाज के कुछ रहनुमा के दबाव में उन्हे अलग करने की साजिश होगी और फिर अंत में खौफनाक कदम उठाना पड़ेगा.

कई बार दोनों जोड़ों को लोगों ने अलग करने की कोशिश की. जिसमें घर वालों ने कडा पहरा लगा दिया. लेकिन दोनों छुप छुप कर मिलते रहे. वह एक दूसरे से बोलते थे एक दिन सब ठीक हो जाएगा. इंतजार करो समय बदलेगा. लेकिन शनिवार को जब उन्हे एहसास हुआ की अब उनके परिवार के लोग समाज के दबाव में दोनों को अलग कर देंगे.

इस बीच दोनों ने आखरी बार मुलाकात किया. करमाटांड़ थाना क्षेत्र में विद्यासागर और मदनकट्टा रेलवे स्टेशन के बीच पोल संख्या 271/4 और 271/5 पास रेलवे लाइन पर पहुंचे. दोनों एक दूसरे को गले लगा कर खुद रोए और  फिर दोनों ने अपने हाथ को बांध लिया. जिससे ट्रेन आने के बाद वह इधर उधर ना हो जाए.  वह एक साथ   रेलवे लाइन पर अपने सर को रख दिया फिर कुछ ही सेकेंड में सामने से ट्रेन आई और फिर वहाँ सिर्फ खून के छीटे थे. दोनों का सर धड़ से अलग हो गया.   

शनिवार की सुबह जब लोगों ने देखा कि दो शव रेलवे लाइन पर पड़ा है. दोनों का हाथ एक दूसरे से बंधा हुआ है और सर धड़ से अलग है. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने जांच शुरू की जिसमें दोनों की पहचान हुई. जिसमें रिंगोंचींगो गाँव के रहने वाले रॉकी मण्डल जिसकी उम्र 20 साल थी और लड़कि नाजिया खातून 17 साल शामिल थी.

अब दोनों शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. लेकिन दूसरे तरफ सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हुआ. जिसमें एक तस्वीर थी दोनों के हाथ बंधे हुए थे. और एक टेक्स्ट लिखा था “सब गाँव वाला को अभी बोल रहे है की ये बंधन को कभी अलग मत करना हम लोग को जहां भी दफनाना हो एक साथ रखना. अब इस पोस्ट को पढ़ने के बाद लोगों के आँखों से आँसू निकल रहे है. और आज वह भी पछतावे में है की शायद वह लोग दोनों के प्यार में नहीं पड़ते तो घर वाले मान भी जाते. और दोनों खुशहाल अपनी ज़िंदगी बिताते. लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया.