रांची (RANCHI): झारखंड हाईकोर्ट ने PLFI से जुड़े मामले में बड़ा फैलसा लिया है जिसके तहत शुभम पोद्दार को जमानत देकर राहत दी है. बता दें, शुभम पोद्दार के खिलाफ खूंटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र में एक व्यवसायी से कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज किया गया था. पुलिस के अनुसार, 11 मार्च 2026 को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुभम पोद्दार को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि उसने व्यवसायी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की और रकम नहीं देने पर पीड़ित की हत्या करवाने की धमकी दी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी. अब इसी केस में हाईकोर्ट ने शुभम पोद्दार को जमानत दे दी है. अदालत के आदेश के बाद आरोपी को इस मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है. हालांकि, जमानत मिलने का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है और मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी.
शुभम पोद्दार की जमानत याचिका पर सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान शुभम पोद्दार की ओर से अधिवक्ता अमन कुमार राहुल ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा. उन्होंने आरोपी की ओर से जमानत दिए जाने के संबंध में दलीलें पेश कीं. मामले में दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने शुभम पोद्दार को जमानत प्रदान कर दी. हाईकोर्ट ने जमानत के लिए 25-25 हजार रुपये के दो निजी मुचलके जमा करने की शर्त रखी है. अदालत के निर्देश के अनुसार, जमानत की प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा. हाईकोर्ट के इस आदेश से आरोपी को फिलहाल राहत मिली है. अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित अदालत में जारी रहेगी.
जिस मामले में शुभम पोद्दार को हाईकोर्ट से जमानत मिली है, वह खूंटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और इसका कांड संख्या 11/2026 है. पुलिस ने व्यवसायी से पांच करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया था. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए शुभम पोद्दार को गिरफ्तार किया था. अब हाईकोर्ट के जमानत आदेश के बाद आरोपी को इस केस में राहत मिली है. अदालत ने निजी मुचलके की शर्त के साथ जमानत मंजूर की है. वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा. पुलिस द्वारा दर्ज केस और जांच से जुड़े तथ्यों पर आगे की सुनवाई में विचार किया जाएगा. इस मामले में हाईकोर्ट का जमानत आदेश फिलहाल शुभम पोद्दार के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है.
