Jharkhand

रांची विश्वविद्यालय: सिलेबस अधूरा, फिर भी हो रही परीक्षा की तैयारी, पीजी छात्रों ने उठाए सवाल

Diksha Benipuri
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रांची विश्वविद्यालय: सिलेबस अधूरा, फिर भी हो रही परीक्षा की तैयारी, पीजी छात्रों ने उठाए सवाल

रांची (RANCHI): रांची विश्वविद्यालय में पीजी के विद्यार्थियों के बीच इन दिनों परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. छात्रों का आरोप है कि कई विभागों में अभी तक पूरा सिलेबस नहीं पढ़ाया गया है, लेकिन विश्वविद्यालय ने परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनका मानना है कि अधूरी तैयारी के साथ परीक्षा देना उनके शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है.

छात्रों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र पहले से ही देरी का शिकार रहा है. कक्षाएं निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकीं और बीच-बीच में छुट्टियों, प्रशासनिक कारणों तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की वजह से पढ़ाई प्रभावित हुई. ऐसे में कई विषयों का पाठ्यक्रम अब तक पूरा नहीं हो पाया है. इसके बावजूद परीक्षा संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ने से विद्यार्थियों में नाराजगी है.

विद्यार्थियों ने मांग की है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएं ताकि बचा हुआ सिलेबस समय पर पूरा कराया जा सके. उनका कहना है कि वर्तमान समय में ऑनलाइन माध्यम पढ़ाई का एक प्रभावी विकल्प बन सकता है. यदि छुट्टियों में भी शिक्षण कार्य जारी रहता है तो छात्रों को परीक्षा से पहले तैयारी का पर्याप्त अवसर मिल जाएगा.

छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाया है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय को केवल परीक्षा कैलेंडर पूरा करने पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि विद्यार्थियों को पूरा पाठ्यक्रम पढ़ने का मौका मिले. छात्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक विषय के लिए निर्धारित अध्ययन अवधि पूरी होना जरूरी है. ऐसे में अधूरा पाठ्यक्रम रहते परीक्षा कराना उचित नहीं होगा.

कई विद्यार्थियों का कहना है कि वे परीक्षा से नहीं भाग रहे हैं, बल्कि चाहते हैं कि उन्हें निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले. उनका मानना है कि यदि पाठ्यक्रम पूरा हुए बिना परीक्षा आयोजित की जाती है तो इसका असर परिणामों पर पड़ सकता है. इससे उन छात्रों को भी नुकसान होगा जो नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल होते रहे हैं.

विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अब छात्रों की मांग और शैक्षणिक कैलेंडर के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है. विद्यार्थियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसा समाधान निकाला जाएगा जिससे पढ़ाई भी पूरी हो और परीक्षा भी बेहतर तरीके से आयोजित की जा सके. फिलहाल छात्र ऑनलाइन कक्षाओं की मांग पर अड़े हुए हैं और चाहते हैं कि परीक्षा से पहले उन्हें पूरी तैयारी का अवसर मिले.

रिपोर्ट : सौम्या शुक्ला