रांची (RANCHI): राजधानी रांची 30 अगस्त को नेत्रदान जागरूकता के तहत आई डोनेशन अवेयरनेस क्लब, कश्यप मेमोरियल आई बैंक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संयुक्त तत्वावधान में 'ब्लाइंडफोल्डेड रन फॉर विजन 2026' का आयोजन किया जाएगा. इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना और दृष्टिबाधित लोगों के जीवन की चुनौतियों का अनुभव कराना है. कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 30 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजे आयोजित होने वाली इस ऐतिहासिक ब्लाइंडफोल्ड मैराथन में राज्य के मुख्यमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा, जबकि भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान और पूर्व सांसद मोहम्मद अजहरुद्दीन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन इस सामाजिक अभियान को पूरा सहयोग देगा, ताकि नेत्रदान का संदेश राज्य के हर व्यक्ति तक पहुंच सके.
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों से आयोजित 'रन फॉर विजन' और 'ब्लाइंडफोल्ड मैराथन' ने समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने बताया कि इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि प्रतिभागी आंखों पर पट्टी बांधकर दौड़ते हैं, जिससे उन्हें कुछ समय के लिए दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन की कठिनाइयों का अनुभव होता है. इससे समाज में संवेदनशीलता बढ़ती है और नेत्रदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है.
स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. भारती कश्यप और डॉ. बी.पी. कश्यप के 35 वर्षों के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों ने नेत्रदान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 में झारखंड का पहला नि:शुल्क कॉर्निया प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया था. इसके बाद आधुनिक तकनीकों और बेहतर सुविधाओं की मदद से राज्य में नेत्र प्रत्यारोपण की दिशा में लगातार प्रगति हुई है.
कश्यप मेमोरियल आई बैंक की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भारती कश्यप ने बताया कि यह आयोजन 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही इस मुहिम को इस बार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का सहयोग मिला है, जिससे अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी. डॉ. भारती कश्यप ने बताया कि इस बार भी सैकड़ों बच्चे आंखों पर पट्टी बांधकर अपने साथियों का हाथ थामे दौड़ेंगे. यह केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि समाज को यह एहसास कराने का प्रयास है कि दृष्टि खोने का दर्द क्या होता है और एक नेत्रदान किसी व्यक्ति की पूरी जिंदगी में उजाला ला सकता है.
उन्होंने बताया कि डॉ. भारती कश्यप और डॉ. बी.पी. कश्यप के नेतृत्व में अब तक 1089 लोगों को सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से नई रोशनी मिल चुकी है. आयोजकों ने सभी सामाजिक संगठनों, युवाओं और नागरिकों से इस अभियान में शामिल होकर नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने और अंधत्व मुक्त समाज बनाने में सहयोग देने की अपील की है.
