Jharkhand

Ranchi Rath Yatra 2026 Traffic Route: रथ यात्रा को लेकर यातायात नियमों में भारी बदलाव, देख लें रूट प्लान

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
Ranchi Rath Yatra 2026 Traffic Route: रथ यात्रा को लेकर यातायात नियमों में भारी बदलाव, देख लें रूट प्लान

रांची (RANCHI): भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा और पारंपरिक घुरती मेला के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची ट्रैफिक पुलिस ने 16 जुलाई से 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. इस अवधि में शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का रूट बदला जाएगा, जबकि कुछ सड़कों पर छोटे वाहनों के प्रवेश पर भी पूरी तरह रोक रहेगी.

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, बिरसा चौक की ओर से मेला आने वाले वाहनों के लिए शहीद मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की गई है. वहीं तुपुदाना, हटिया और धुर्वा से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन प्रभात तारा मैदान में पार्क कर सकेंगे. रिंग रोड की ओर से शहर और मेला क्षेत्र में आने वाले हल्के और भारी वाहनों को तिरिल मोड़, नॉर्थ गेट, प्रभात तारा मैदान और शालीमार बाजार होते हुए निर्धारित मार्ग से गुजरना होगा. जरूरत पड़ने पर वाहन तिरिल मोड़ स्थित हेलिपैड में भी पार्क किए जा सकेंगे.

इसके अलावा बिरसा चौक से सिठियो रिंग रोड जाने वाले वाहनों को सिंह मोड़, चांदनी चौक, धुर्वा गोलचक्कर और वीर कुंवर सिंह चौक होकर भेजा जाएगा. धुर्वा से रिंग रोड जाने वाले वाहनों के लिए भी यही वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है. मेला अवधि के दौरान तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर और प्रभात तारा तीनमुहान से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, ऑटो, बाइक और अन्य सवारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा. वहीं पुराना विधानसभा क्षेत्र की ओर से आने वाले बड़े वाहनों और मिनीडोर को शहीद मैदान के पास बने पार्किंग स्थल में ही खड़ा करना होगा.

ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने कहा कि भीड़ की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर अन्य मार्गों पर भी अस्थायी डायवर्जन लागू किया जा सकता है. उन्होंने लोगों से ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करने, निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की. उनका कहना है कि यदि लोग मेला क्षेत्र में वाहन लेकर पहुंचने की कोशिश करेंगे तो जाम की स्थिति बन सकती है, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.