रांची (RANCHI): राजधानी रांची में राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए जारी राशन योजना का गलत तरीके से लाभ लेने वाले अपात्र लोगों पर अब सरकार सख्ती करने की तैयारी में है. आय छिपाकर राशन कार्ड बनवाने और सरकारी अनाज लेने वालों की पहचान के बाद सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. केंद्र सरकार से मिली सूची के आधार पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ऐसे लाभुकों की पात्रता की जांच कर रहा है. बता दें, राजधानी रांची में ही 36,636 ऐसे लाभुक चिन्हित किए गए हैं, जो राशन कार्ड की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते हैं. विभाग की ओर से कई लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है, जबकि अन्य मामलों में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है. फिलहाल सरकार की कोशिश है कि अपात्र लोग अपने से अपना नाम राशन कार्ड से हटवा लें.
जांच के दौरान खास तौर पर उन लोगों पर नजर रखी जा रही है, जिनकी सालाना आय छह लाख रुपये से अधिक है. जिला प्रशासन की ओर से ऐसे लाभुकों को नोटिस भेजकर उनकी पात्रता स्पष्ट करने को कहा जा रहा है. रांची के लगभग सभी वार्डों में इस तरह के मामले सामने आए हैं. अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी इलाकों में अपात्र राशन कार्डधारकों की संख्या अधिक है. अब विभाग आय से जुड़े दस्तावेजों और दूसरे सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर लाभुकों की पात्रता की जांच कर रहा है. जिन लोगों की आय निर्धारित सीमा से अधिक पाई जाएगी और वे फिर भी राशन योजना का लाभ लेते रहेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे मामलों में सरकारी राशन की वसूली के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों ने राशन प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि आयुष्मान कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए राशन कार्ड बनवाया था. ऐसे राशन कार्डों की भी अब समीक्षा की जा रही है. विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कार्ड बनवाते समय लाभुक ने सही जानकारी दी थी या नहीं. सरकार की ओर से अपात्र लोगों को अपना नाम हटाने का मौका दिया जा रहा है, लेकिन तय समय के बाद भी यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से राशन का लाभ लेता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इस अभियान का उद्देश्य पात्र गरीब परिवारों तक सरकारी राशन का लाभ सुनिश्चित करना और योजना में हो रही गड़बड़ियों को रोकना है.
