रांची (RANCHI): झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी है. मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में दो दिवसीय प्री-मैपिंग कैंप आयोजित किए गए हैं. रविवार को इस विशेष अभियान का अंतिम दिन है, जिसके चलते कैंपों में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. मतदाता अपने वोटर आईडी कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचकर मतदाता सूची में अपना नाम, पता का सत्यापन करा रहे हैं.
हालांकि इस प्रक्रिया के दौरान कई मतदाताओं को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है. कैंप में मौजूद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) कुछ मामलों में वर्ष 2003 के मतदाता रिकॉर्ड या पुराने वोटर कार्ड की मांग कर रहे हैं. ऐसे में कई लोगों के सामने पुराने दस्तावेज उपलब्ध कराने की चुनौती खड़ी हो गई है. खासकर ग्रामीण इलाकों और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए यह प्रक्रिया आसान नहीं दिख रही है.
कैंप में पहुंचे लोगों का कहना है कि वे वर्तमान वोटर आईडी और अन्य पहचान पत्र लेकर पहुंचे हैं, लेकिन 20 साल से अधिक पुराने दस्तावेज मांगने से दिक्कतें बढ़ रही हैं. वहीं मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए पुराने रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है. जिन मामलों में आवश्यक हो, वहां अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की जा रही है.
प्री-मैपिंग अभियान के तहत मतदाताओं के नाम, पते और पहचान संबंधी जानकारियों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके. अभियान के अंतिम दिन है कि वे अपने सभी उपलब्ध दस्तावेजों के साथ कैंप में पहुंच रहे है ताकि आगामी चुनावों के लिए एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके.
