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Jharkhand

निशा भगत की मौत पर बवाल, बाबूलाल मरांडी ने की आरोपियों की गिरफ्तारी और CBI जांच की मांग

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. उनके सोशल मीडिया लाइव वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. निशा भगत ने लाइव के दौरान एक दरोगा, राज्य सरकार और कुछ अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली. घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा, जहां नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.

बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में सीबीआई जांच कराने और निशा भगत के आरोपों के घेरे में आए लोगों की गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने कहा कि झारखंड दलालों के चंगुल में फंस गया है. राज्य में माफियाओं का राज चल रहा है. इसी दबाव के कारण एक आदिवासी बेटी की जान चली गई. उन्होंने कहा कि निशा भगत पर इतना दबाव बनाया गया कि उन्हें अपनी जिंदगी खत्म करना ही एकमात्र रास्ता नजर आया.

बाबूलाल मरांडी ने राज्य में सक्रिय माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में आदिवासियों के मुद्दों को दबाने की कोशिश हो रही है. राज्य में अपराधियों और दलालों का प्रभाव बढ़ गया है. जो भी इनके खिलाफ आवाज उठाता है, उस पर इस तरह दबाव बनाया जाता है कि वह टूटने को मजबूर हो जाता है. उन्होंने पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.

वहीं, जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो ने भी निशा भगत की मौत पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि झारखंड में लूटने वालों की चांदी है, जबकि उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज झारखंड की एक आवाज को शांत कर दिया गया है, लेकिन लड़ाई अभी शुरू हुई है. निशा भगत हमेशा साथ रहकर संघर्ष करती थीं और आदिवासी समाज के मुद्दों पर आवाज उठाती थीं. आज उन्होंने मौत को चुन लिया. उनके जाने से आंदोलन को बड़ा नुकसान हुआ है.

रिपोर्ट: समीर हुसैन