रांची (RANCHI): झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अपनी जांच और तेज कर दी है. इसी कड़ी में शुक्रवार को एजेंसी ने उत्पाद विभाग में पूर्व में कार्यरत रहे अमर मेहता को पूछताछ के लिए तलब किया. एसीबी के नोटिस पर अमर मेहता एजेंसी के समक्ष उपस्थित हुए, जहां उनसे शराब घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की गई.
जानकारी के अनुसार, अमर मेहता फिलहाल भूमि अभिलेख (लैंड रिकॉर्ड) विभाग में कार्यरत हैं. हालांकि, इससे पहले वह उत्पाद विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसी वजह से एसीबी उन्हें इस मामले में अहम कड़ी मानते हुए उनसे उन प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल पूछ रही है, जिनका संबंध कथित शराब घोटाले से हो सकता है. जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं. एसीबी यह जानने का प्रयास कर रही है कि उत्पाद विभाग में कार्यकाल के दौरान किन-किन अधिकारियों और प्रक्रियाओं की भूमिका रही तथा क्या किसी स्तर पर अनियमितताओं की जानकारी या उससे जुड़े तथ्य सामने आते हैं. हालांकि, एजेंसी ने पूछताछ की सामग्री को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है.
इससे पहले गुरुवार को एसीबी ने इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल विनय सिंह के भाई अरुण सिंह से भी लंबी पूछताछ की थी. एजेंसी लगातार मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाने में लगी है. माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर जांच का दायरा और बढ़ सकता है. शराब घोटाले की जांच में एसीबी पहले ही कई अहम कार्रवाई कर चुकी है. अब तक इस मामले में लगभग एक दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एजेंसी दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन, विभागीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है, ताकि कथित अनियमितताओं में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके.
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कुछ और अधिकारियों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. एसीबी का उद्देश्य इस कथित घोटाले की पूरी परतें खोलना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है. फिलहाल एजेंसी की जांच लगातार जारी है और मामले में आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है.
