रांची (RANCHI): राजधानी रांची स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के साथ कथित तौर पर जबरन उठाने और मारपीट की घटना को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि जब राजधानी रांची में एक विधायक के बेटे के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो राज्य के दूरदराज के इलाकों में आम लोगों की सुरक्षा की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह मामला झारखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है और सरकार को इस पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए.
इसके साथ ही आदित्य साहू ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें स्वयं विधायक जनार्दन पासवान ने फोन पर दी. इसके बाद उन्होंने तत्काल रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं किया गया, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि राहत की बात यह रही कि युवक को धुर्वा क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस दौरान कोई बड़ी अनहोनी हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता. साहू ने कहा कि राज्य में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है, जबकि पुलिस अपने मूल दायित्वों से भटककर अन्य कार्यों में व्यस्त दिखाई दे रही है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि झारखंड में जेएमएम के नेतृत्व वाली और कांग्रेस समर्थित सरकार बनने के बाद से कानून-व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है. उन्होंने कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. साहू ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस और गंभीर पहल करने का आग्रह किया.
