RANCHI: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत झारखंड को 1030 करोड़ रुपये जारी किए हैं. इस राशि से राज्य में पात्र लाभार्थियों के लिए पक्के घरों के निर्माण में तेजी आएगी और लंबित किस्तों का भुगतान किया जाएगा. ऐसे में एक बार फिर प्रधानमंत्री आवास योजना चर्चा में है. आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है, इसका लाभ किन लोगों को मिलता है और झारखंड में अब तक इस योजना के तहत कितने घर बन चुके हैं.
प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की प्रमुख आवास योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब और बेघर परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह योजना प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के नाम से संचालित होती है, जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) लागू है. ग्रामीण योजना के तहत उन परिवारों को लाभ दिया जाता है, जिनके पास पक्का घर नहीं है या जो कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं. लाभार्थियों का चयन सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) के आंकड़ों, नए सर्वे और ग्राम सभा के सत्यापन के आधार पर किया जाता है. सामान्य क्षेत्रों में एक घर के निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी या दुर्गम क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये की सहायता दी जाती है. इसके अलावा मनरेगा के तहत मजदूरी और शौचालय निर्माण के लिए भी अलग से सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत देशभर में अब तक करोड़ों गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जा चुका है. योजना के तहत 3.8 करोड़ से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 2.8 करोड़ से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा हो चुका है. इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2029 तक हर पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराना है. सरकार लगातार राज्यों को किस्तों में धनराशि जारी कर रही है ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सके.
झारखंड भी इस योजना के लाभान्वित राज्यों में शामिल है. राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अब तक करीब 20.12 लाख घरों का लक्ष्य तय किया गया है. इनमें लगभग 19.39 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 15.71 लाख से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है. राज्य के कई जिलों में योजना के तहत तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है. हाल ही में केंद्र सरकार ने झारखंड के लिए 1030 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की है. इस फंड का उपयोग लंबित किस्तों के भुगतान, नए स्वीकृत आवासों के निर्माण और अधूरे घरों को जल्द पूरा करने में किया जाएगा. हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार या ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से यह नहीं बताया गया है कि यह राशि जिला-वार किस अनुपात में बांटी जाएगी. जिला-वार आवंटन की आधिकारिक जानकारी जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रांची, दुमका, पलामू, गढ़वा, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम और अन्य जिलों को कितनी राशि मिलेगी. फिलहाल इतना तय है कि 1030 करोड़ रुपये की इस सहायता से झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है.
