Jharkhand

17 जुलाई को पिस्का और मुरी रेलवे स्टेशन का होगा उद्घाटन, आधुनिक सुविधाओं से बदली दोनों स्टेशनों की तस्वीर

Diksha Benipuri
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17 जुलाई को पिस्का और मुरी रेलवे स्टेशन का होगा उद्घाटन, आधुनिक सुविधाओं से बदली दोनों स्टेशनों की तस्वीर

रांची: रांची रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले पिस्का और मुरी रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह नए स्वरूप में तैयार हो चुके हैं. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दोनों स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा कर लिया गया है और अब इनके उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 17 जुलाई को इन स्टेशनों का लोकार्पण किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़ेंगे. इसके अलावा राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है.

पुनर्विकास के बाद दोनों रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है. स्टेशन भवनों का नया डिजाइन तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक माहौल मिलेगा. यहां आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, पेयजल की बेहतर व्यवस्था, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं, आकर्षक प्रवेश द्वार, बेहतर रोशनी और डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली विकसित की गई है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं का लाभ केवल शहर के यात्रियों को ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भी मिलेगा.

उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर रांची रेल मंडल ने तैयारियां तेज कर दी हैं. स्टेशन परिसरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन, सजावट और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है. कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. रांची रेल मंडल की डीसीएम श्रेया सिंह ने बताया कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी की जा रही हैं. साथ ही प्रयास किया जा रहा है कि उद्घाटन समारोह स्थानीय लोगों के लिए भी यादगार बने.

इधर, रेलवे के सामने एसी कोच से बेडरोल चोरी की बढ़ती घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं. केंद्रीय स्तर पर तैयार रिपोर्ट के अनुसार, रांची मंडल से संचालित ट्रेनों के एसी डिब्बों से अब तक 9.31 लाख से अधिक बेडरोल गायब हो चुके हैं. इनमें चादर, कंबल, तौलिया, तकिया और तकिया कवर जैसी वस्तुएं शामिल हैं. रेलवे अधिकारियों ने इसे गंभीर नुकसान बताते हुए निगरानी और जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही है. अधिकारियों का कहना है कि रेलवे लगातार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निवेश कर रहा है. ऐसे में यात्रियों की भी जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करें और रेलवे की सुविधाओं का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें, ताकि सभी यात्रियों को इन सेवाओं का समान रूप से लाभ मिलता रहे.