Jharkhand

तेल की किल्लत पर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कंपनी को अल्टिमेटम,सप्लाई सही नहीं हुई तो होगा आंदोलन  

Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर
तेल की किल्लत पर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कंपनी को अल्टिमेटम,सप्लाई सही नहीं हुई तो होगा आंदोलन  

रांची(RANCHI): मिडिल ईस्ट में शुरू हुए तनाव का असर भारत में दिख रहा है.कच्चे तेल की सप्लाई कम होने से जहां एक तरफ आम उपभोक्ता परेशान है तो दूसरी तरफ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन चिंतित है. इसी कड़ी में रांची में पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने एक अहम बैठक की. बैठक के बाद कंपनी को चेतावनी दी गई. अगर समय पर तेल की सप्लाई नहीं की गई तो वह आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगे. इसके साथ ही कई बिंदुओं पर चर्चा की गई. बैठक के बाद पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन दक्षिणी छोटा नागपूर प्रमंडल के अध्यक्ष राजहंस मिश्रा ने प्रेस वार्ता किया. 

जिसमें उन्होंने कहा कि कई तरह की गाइड लाइन लाई गई है. जिसका पालन उन्हे करना पड़ रहा है. तेल की सप्लाई समय पर नहीं हो रही है. जिस वजह से आम लोगों के साथ साथ पेट्रोल पंप मालिक भी परेशान है.तेल की डिमांड के लिए पहले से पैसा जमा करना पड़ता है. इसके बावजूद तीन से चार दिन बाद उन्हे तेल की सप्लाई की जा रही है. शहरी इलाकों को छोड़ कर ग्रामीण क्षेत्र में हालत और भी खराब है. कई पेट्रोल पंप बंद हो गए. उनके पास तेल नहीं है. और तेल कंपनी समय पर आपूर्ति नहीं कर रही है. 

उन्होंने कहा कि अगर तेल कंपनी से पेट्रोल पंप के मालिक क्रेडिट पर तेल खरीदते है तो इसके बदले उन्हे पैसे का ब्याज देना पड़ता है. लेकिन अब तीन से चार टैंकर का पैसा अड्वान्स देने के बाद भी तेल नहीं मिल रहा है. ऐसी स्तिथि में जितना दिन कंपनी पैसा रखती है उसका ब्याज पंप मालिकों को कंपनी दे. साथ ही समय पर तेल की सप्लाई शुरू शुरू करें. शहर हो या ग्रामीण इलाके सभी जगह सामान्य व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि कंपनी ने सख्त आदेश जारी किया है कि गेलन में किसी को भी तेल की सप्लाई नहीं करनी है. लेकिन इसका खमियाजा पंप कर्मियों को उठाना पड़ रहा है. हर दिन नोक झोंक हो रही है. अगर मांग पूरी नहीं होती है तो आगे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. 


पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ वार्ता करेगा. देर शाम बैठक कर अपनी समस्या और मांग पत्र दिया जाएगा. जिससे उनकी मांग पर विचार किया जा सके. साथ ही समस्या सामने है. मंत्रालय और पेट्रोलियम कंपनी दावा कर रही है कि तेल की कोई कमी नहीं है. फिर भी तेल की किल्लत क्यों सामने आई है. सप्लाई में देरी की वजह क्या है. इस बात को साफ करने की जरूरत है. जिससे आम ग्राहक और पेट्रोल पंप मालिकों को कोई संका ना रहे. 

पेटोल डीजल की खपत जून  के महीने में अधिक होती है. एक तरफ जहां     किसान खेत में दिखेंगे. उन्हे तेल की जरूरत होगी. दूसरी तरफ कई अपार्टमेंट और बड़े कारोबारी अपने जेनरेटर में तेल का इस्तेमाल करते है. लेकिन गेलन में तेल नहीं देने का आदेश मिला है. ऐसी स्तिथि में पंप संचालक क्या करेगा. उनका कस्टमर से नोक झोंक हो रहा है. साथ ही नुकसान अलग. गेलन में तेल बड़ी संख्या में किसान लेकर जाते है स्कूल और कारोबार से जुड़े लोग जरूरत के हिसाब से हर दिन पेट्रोल पंप से भरवाते है लेकिन जब उन्हे रोका जा रहा है तो फिर इसका व्यवस्था कौन करेगा.