Jharkhand

धरती आबा को नमन: बिरसा मुंडा की 126वीं शहादत दिवस पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): जनजातीय अस्मिता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर आज राजधानी रांची स्थित कोकर के बिरसा समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समाधि स्थल पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और महान जननायक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए किए गए उनके योगदान को याद किया. श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान मौजूद लोगों ने भी धरती आबा के प्रति अपनी आस्था और सम्मान व्यक्त किया. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उन्होंने सामाजिक न्याय, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रासंगिक है. वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बिरसा मुंडा केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं. उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे.

आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, विधायक कल्पना सोरेन, रांची की मेयर रोशनी खलखो समेत कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. सभी ने भगवान बिरसा मुंडा की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस दौरान वक्ताओं ने बिरसा मुंडा के अद्वितीय संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए उनके योगदान को याद किया. उपस्थित लोगों ने कहा कि धरती आबा के विचार और आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं.