पलामू(PALAMU) नेपाल में तबाही का मंज़र है. अचानक आई बाढ़ में सैकड़ों लोगों की ज़िंदगी खत्म हो गई. तो कई अभी भी लापता है. इसमें झारखंड के भी कई लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं है. पलामू जिले के एक व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों में कोहराम मचा है. लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे है लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है. वह नेपाल में एक कंपनी में काम करता था.
वह नेपाल के बाणेश्वर में हाइड्रो पावर प्लांट निर्माण कार्य में काम कर रहा था. लेकिन अचानक आई त्रासदी ने सब कुछ खत्म कर दिया है. हैदरनगर प्रखंड के बडंडा बरवाडीह निवासी 50 वर्षीय महेंद्र विश्वकर्मा की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.परिजनों का कहना है कि महेंद्र का मोबाइल लगातार बंद आ रहा है, जिससे परिवार में चिंता और बढ़ गई है.
जानकारी के अनुसार महेंद्र विश्वकर्मा पिछले कई माह से नेपाल के बाणेश्वर स्थित हाइड्रो पावर प्लांट में फैब्रिकेटर के रूप में कार्यरत था. वह नियमित रूप से घर पर फोन कर हालचाल बताता था, लेकिन अचानक पिछले कई दिनों से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है. इसी बीच नेपाल में आई भीषण बाढ़ में 1500 लोगों के लापता होने की खबरें सामने आने के बाद महेंद्र के घर में कोहराम मच गया है. परिजन अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं और रो-रोकर बुरा हाल है.
परिजनों ने कंपनी के नंबर पर संपर्क किया तो कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं. लेकिन महेंद्र से बात न हो पाने के कारण परिवार का भरोसा नहीं बैठ रहा है. वे लगातार महेंद्र को फोन कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है.
महेंद्र के परिजनों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और हाइड्रो पावर प्लांट के अधिकारियों से जल्द से जल्द महेंद्र विश्वकर्मा का पता लगाने और उन्हें सकुशल वापस लाने की मांग की है. गांव के लोगों ने भी प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है. पंचायत के मुखिया सुदर्शन राम ने इस मामले में अधिकारियों से संपर्क कर महेंद्र विश्वकर्मा का पता लगाने का आग्रह करने की बात कही है.
