Jharkhand

दिशोम गुरु को पद्म भूषण: विधानसभा अध्यक्ष बोले- झारखंड के संघर्ष को मिला राष्ट्रीय सम्मान, राज्यवासियों के लिए गौरव का क्षण

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड आंदोलन के महानायक और राज्य निर्माण की लड़ाई के प्रमुख चेहरे रहे दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान मिलने पर पूरे झारखंड में गौरव का माहौल है. ऐसे में इस सम्मान को राज्य के संघर्ष, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई को मिली राष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है. इसी कड़ी मविन झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने भी इस ऐतिहासिक सम्मान पर खुशी जताते हुए इसे झारखंड के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया.

विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि पद्म भूषण सम्मान गुरुजी के त्याग, संघर्ष और जनसेवा को मिली ऐतिहासिक स्वीकृति है. उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का पूरा जीवन झारखंड के लोगों के अधिकार, सम्मान और पहचान की लड़ाई को समर्पित रहा. एक आंदोलनकारी से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक का उनका सफर जनविश्वास और जनसंघर्ष की अद्भुत मिसाल है.

उन्होंने कहा कि गुरुजी ने हमेशा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की आवाज को बुलंद किया और अलग झारखंड राज्य के निर्माण में उनकी भूमिका अविस्मरणीय रही. उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति समर्पण ने यह साबित किया कि लगातार संघर्ष से बड़े बदलाव संभव हैं.

रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन और उन लाखों लोगों के संघर्ष का सम्मान है, जिन्होंने राज्य गठन के सपने को साकार करने में योगदान दिया. उन्होंने कहा कि गुरुजी का जीवन, नेतृत्व और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा.

बताते चलें कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष स्वर्गीय शिबू सोरेन को लोकसेवा, सामाजिक न्याय और आदिवासी समाज के उत्थान में उनके अमूल्य योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया है. राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया. इस सम्मान के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में खुशी की लहर है.