Jharkhand

कांग्रेस में अब नहीं चलेगी मनमानी! मंत्रियों को के. राजू की दोटूक चेतावनी, 'पार्टी लाइन' से बाहर बयान दिया तो होगी कार्रवाई

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
कांग्रेस में अब नहीं चलेगी मनमानी! मंत्रियों को के. राजू की दोटूक चेतावनी, 'पार्टी लाइन' से बाहर बयान दिया तो होगी कार्रवाई

रांची (RANCHI): झारखंड कांग्रेस में लगातार सामने आ रही बयानबाजी और अंदरूनी खींचतान पर आखिरकार पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अपना लिया है. प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के.राजू ने साफ संदेश दिया है कि अब संगठन में अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा. मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के भीतर अलग-अलग सुर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और सभी नेताओं को एकजुट होकर तय रणनीति के तहत ही जनता के बीच जाना होगा.

बैठक में सबसे अधिक जोर मंत्रियों की सार्वजनिक बयानबाजी पर दिया गया. हाल के दिनों में कई मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों के अलग-अलग बयान सामने आने से पार्टी की किरकिरी हुई थी. इसे गंभीरता से लेते हुए के. राजू ने निर्देश दिया कि अब कोई भी मंत्री किसी संवेदनशील या राजनीतिक विषय पर सार्वजनिक बयान देने से पहले पार्टी के आंतरिक मंच पर चर्चा करेगा. सभी नेताओं को केवल तय की गई 'पार्टी लाइन' के अनुसार ही अपनी बात रखनी होगी.

इसके लिए एक विशेष समन्वय मंच (फोरम) बनाया जाएगा, जहां हर 15 दिन पर मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक होगी. इस मंच पर जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा कर साझा रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि पार्टी की ओर से एक ही संदेश जनता तक पहुंचे.

बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति भी तय की गई. निर्णय लिया गया कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले छह महीने तक राज्य के सभी प्रमंडलों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा. इसके लिए प्रत्येक प्रमंडल में दो-दो समितियां बनाई जाएंगी, जो लगातार सेमिनार, कार्यशाला और जनसभाओं का आयोजन करेंगी. अभियान का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को समझना और पार्टी की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाना होगा.

बैठक में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि कई मंत्री जिलों का नियमित दौरा नहीं कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं और जनता के साथ संवाद कमजोर पड़ रहा है. इसे देखते हुए प्रदेश प्रभारी ने निर्देश दिया कि अगले दो महीनों के भीतर सभी मंत्री अपने-अपने जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और आम लोगों से सीधा संवाद करेंगे. उनकी समस्याएं सुनकर संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा.

बैठक के दौरान अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. के. राजू ने कहा कि झारखंड में दलितों के संवैधानिक और सामाजिक अधिकारों की रक्षा के लिए अनुसूचित जाति आयोग (SC Commission) का गठन बेहद आवश्यक है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है और आयोग के गठन तक पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी. प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि अनुशासन, एकजुटता और जमीनी सक्रियता के बल पर ही संगठन को मजबूत बनाया जा सकता है. यही कारण है कि अब पार्टी ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि व्यक्तिगत बयानबाजी की जगह सामूहिक रणनीति और संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.