रांची (RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी)-2025 के परिणाम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की है. सबसे बड़ा सवाल 832 रोल नंबरों के बीच आए बड़े अंतर को लेकर उठ रहा है.
अभ्यर्थियों के अनुसार, आयोग की सफल अभ्यर्थियों की सूची में रोल नंबर 2601290656 के बाद सीधे 2601291488 दर्ज है. यानी इन दोनों नंबरों के बीच आने वाले 832 रोल नंबरों में से एक भी अभ्यर्थी सफल घोषित नहीं हुआ. इसे लेकर उम्मीदवारों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में किसी भी अभ्यर्थी का चयन न होना सामान्य नहीं लगता और इससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं., उम्मीदवारों का कहना है कि क्या किसी परीक्षा केंद्र के सभी अभ्यर्थी अनुपस्थित थे, उनकी परीक्षा रद्द कर दी गई थी या फिर किसी तकनीकी त्रुटि के कारण उनके परिणाम प्रभावित हुए हैं. उनका मानना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग ने हाल में घोषित कई परीक्षाओं के परिणाम तो जारी कर दिए, लेकिन अब तक कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए हैं. इनमें सिविल जज (जूनियर डिवीजन) पीटी-2026, सिविल सेवा बैकलॉग-2023 पीटी, सिविल सेवा नियमित परीक्षा-2025 और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर मुख्य परीक्षा शामिल हैं. अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी परीक्षाओं की कटऑफ सूची तत्काल जारी करने की मांग की है. साथ ही स्थानांतरित परीक्षा नियंत्रक के माध्यम से परिणाम जारी किए जाने पर भी आपत्ति जताई है.
बैकलॉग पीटी का संशोधित मॉडल उत्तर जारी
इस बीच, जेपीएससी ने सिविल सेवा बैकलॉग-2025 प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित मॉडल उत्तर भी जारी किया है. आयोग के अनुसार, प्रथम प्रश्नपत्र में एक प्रश्न के सभी विकल्प सही पाए गए हैं, जबकि दूसरे प्रश्नपत्र के चार प्रश्नों को रद्द (ड्रॉप) कर दिया गया है. बताते चलें है कि 45 रिक्त पदों के लिए 17 मई को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी. इसके बाद 11 जून को मॉडल उत्तर जारी कर अभ्यर्थियों से 12 से 15 जून के बीच आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे. प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद संशोधित उत्तर प्रकाशित किया गया. इस भर्ती अभियान में उपसमाहर्ता के 36, सहायक निबंधक (कृषि) के 2 और झारखंड शिक्षा सेवा के 7 पद शामिल हैं. परीक्षा में करीब 30 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिसके लिए राजधानी रांची में 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे.
