Jharkhand

नैशनल स्टेकहोल्डर्स मीट : उद्योग, आईटी और पर्यटन नीति पर चर्चा, झारखंड में खुलेगा निवेश का दरवाजा

Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर
नैशनल स्टेकहोल्डर्स मीट : उद्योग, आईटी और पर्यटन  नीति पर चर्चा,  झारखंड में खुलेगा निवेश का दरवाजा

रांची (RANCHI): झारखंड सरकार अब युवा झारखंड की पहचान सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. राज्य में बेहतर औद्योगिक माहौल, पर्यटन को बढ़ावा और डिजिटल विकास पर जोर देकर झारखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी की जा रही है. सरकार की कोशिश है कि विश्वस्तरीय कंपनियां झारखंड में निवेश करें. साथ ही कुल्लू-मनाली जैसे पर्यटन स्थलों की तरह झारखंड भी पर्यटकों की पसंद बने और देश-विदेश से सैलानी यहां की प्राकृतिक वादियों का आनंद लेने पहुंचें. इसी उद्देश्य से दिल्ली में दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आयोजन किया गया है, जिसमें देश-विदेश के प्रसिद्ध उद्योग जगत से जुड़े लोग, एआई विशेषज्ञ और नीति निर्धारण से जुड़े दिग्गज शामिल होंगे.

दरअसल, झारखंड में उद्योग की अपार संभावनाएं हैं. जरूरत केवल ऐसे माहौल की है, जहां उद्योगपति अपने कारोबार को आसानी से स्थापित कर सकें. इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका राज्य सरकार की होती है और झारखंड सरकार स्वयं आगे बढ़कर उद्योगों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है. राज्य में नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. इससे एक ओर युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार नई औद्योगिक नीति तैयार करने पर भी विशेष जोर दे रही है.

उद्योग के साथ-साथ आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका भी लगातार बढ़ती जा रही है. डिजिटल इंडिया के साथ-साथ डिजिटल झारखंड और डिजिटल गांव बनाने की दिशा में भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कार्यालयों से लेकर मंत्रालय तक की व्यवस्थाओं को ऑनलाइन करने पर फोकस किया जा रहा है, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. साथ ही राजधानी में बैठे वरिष्ठ अधिकारी भी पंचायत स्तर पर चल रहे कार्यों की निगरानी और निरीक्षण कभी भी कर सकें. इस विषय पर भी कार्यक्रम में विस्तार से चर्चा होगी.

इसके अलावा पर्यटन के क्षेत्र में भी झारखंड के पास अनेक प्राकृतिक और धार्मिक स्थल हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं. हालांकि, इन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान दिलाने की आवश्यकता है. राज्य के पर्यटन स्थलों को देश के पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने और झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता को देश-विदेश तक पहुंचाने के उद्देश्य से भी नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में मंथन किया जाएगा. दो दिवसीय इस कार्यक्रम में उद्योग, पर्यटन और डिजिटल विकास पर विशेष फोकस रहेगा. साथ ही उद्योगपतियों, एआई विशेषज्ञों और नीति निर्धारकों के साथ मिलकर झारखंड के विकास के लिए बेहतर और प्रभावी नीतियां तैयार करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा.