टीएनपी डेस्क(TNP DESK):इस साल के मानसून को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है.जहां IMD के नए अनुमान के मुताबिक 2026 में देशभर के अन्य राज्यो के साथ झारखंड में भी मानसूनी बारिश सामान्य से कम रह सकती है.जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश में करीब 10 प्रतिशत तक की कमी देखने की आशंका जताई गई है.इससे कई राज्यों में सूखे जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ गया है.
पहले अच्छा, अब कम बारिश का अनुमान
पहले मौसम विभाग ने अप्रैल में जो अनुमान जारी किया था, उसमें सामान्य से बेहतर बारिश की उम्मीद जताई गई थी लेकिन अब मौसम और समुद्री परिस्थितियों में बदलाव को देखते हुए इस अनुमान को बदल दिया गया है.मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर बारिश कम होती है तो इसका सीधा असर खेती-किसानी, पानी के भंडार और पीने के पानी की सप्लाई पर पड़ेगा.हालांकि राहत की बात ये है कि पूरे देश में मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं रहेगा, कुछ जगहों पर सामान्य बारिश भी देखने को मिल सकती है.
केरल में मानसून की एंट्री में देरी
इस बार मानसून की रफ्तार भी थोड़ी धीमी चल रही है. अरब सागर वाली शाखा कमजोर होने की वजह से केरल में मानसून के पहुंचने में देर हो रही है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर हालात सही रहे तो अगले कुछ दिनों में मानसून आगे बढ़ सकता है और करीब एक हफ्ते में केरल तट तक पहुंच सकता है.अगर बारिश कम होती है तो सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ेगा। खरीफ फसलों की बुआई और पैदावार दोनों पर असर पड़ सकता है.साथ ही पानी के जलाशय भी कम भरेंगे, जिससे आगे चलकर पानी की किल्लत बढ़ सकती है.इसी वजह से एक्सपर्ट्स अभी से जल संरक्षण और वैकल्पिक तैयारी करने की सलाह दे रहे है.
कई जिलों में सूखे जैसी स्थिति का खतरा
बात अगर झारखंड की करें तो देश के साथ-साथ इस बार राज्य में भी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है.मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मानसून कमजोर रहने पर कई जिलों में सूखे जैसी स्थिति का खतरा भी बन सकता है.ऐसे में खेती-किसानी और जल स्तर पर असर पड़ने की आशंका है.अब आइए नजर डालते है पिछले कुछ सालों में झारखंड में मानसून के आगमन के रिकॉर्ड पर.
झारखंड में मानसून आने का पुराना रिकॉर्ड
2020 1 जून 5 जून
2021 3 जून 31 मई
2022 29 मई 27 मई
2023 8 जून 4 जून
2024 30 मई 31 मई
2025 17 जून 12 जून
2026 12 से 18 जून (संभावित)
