रांची(RANCHI): राजधानी रांची और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है जहां संगठित गिरोह मोबाइल टावरों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस के अनुसार गिरोह ने पिछले नौ महीनों के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 33 मोबाइल टावरों से उपकरणों की चोरी की थी. चूंकि मोबाइल टावरों में लगे उपकरण संचार व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़े होते हैं, इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. जिसके बाद चान्हों थाना कांड संख्या 55/26 की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों के विश्लेषण और निगरानी के आधार पर पुलिस गिरोह तक पहुंची. कार्रवाई में तौफिक अंसारी, अकमल अंसारी, मुबारक अंसारी और कबाड़ी कारोबारी गौरी कुमार को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना तौफिक अंसारी पहले जियो टेलीकॉम कंपनी में साइट मैनेजर के रूप में कार्य कर चुका था. इसी कारण उसे मोबाइल टावरों में लगे महंगे और महत्वपूर्ण उपकरणों की पूरी जानकारी थी. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया था जो पहले टावरों की रेकी करता और फिर सुनियोजित तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था. चोरी के बाद उपकरणों को कांके थाना क्षेत्र के एक कबाड़ी के पास बेच दिया जाता था. पुलिस के अनुसार गिरोह में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
ग्रामीण एसपी ने बताया कि लगातार बढ़ रही टावर चोरी की घटनाओं के बाद एसआईटी पिछले एक माह से जांच में जुटी थी. गिरोह के सदस्य कार से घटनास्थल तक पहुंचते थे और चोरी का सामान उसी वाहन में लादकर फरार हो जाते थे. पुलिस ने आरोपितों के पास से तीन आरएम मशीनें, बैटरी चार्जिंग मशीन, पांच टावर बैटरियां, तीन मोबाइल फोन, करीब 75 फीट केबल, लगभग 20 किलोग्राम केबल और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है. बरामद मोबाइल फोन से भी कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. पुलिस अब आरोपितों को रिमांड पर लेकर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ करेगी.
