Jharkhand

छात्र आंदोलन को मिला विधायक जयराम महतो का साथ, 9 अगस्त को पुराने विधानसभा परिसर में करेंगे निर्जला अनशन

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी छात्र आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है. डुमरी विधायक जयराम महतो ने आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में 9 अगस्त को पुराने विधानसभा परिसर में एक दिन का निर्जला अनशन करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि यह अनशन छात्रों की मांगों के समर्थन और सरकार का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जाएगा.

जयराम महतो ने बताया कि वह 9 अगस्त की सुबह 6 बजे से निर्जला अनशन पर बैठेंगे. इसके लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो से मुलाकात कर अनुमति मांगी थी. उन्होंने बताया कि नए विधानसभा परिसर में इस तरह के धरना या अनशन की परंपरा नहीं है. इसी वजह से उन्हें पुराने विधानसभा परिसर में अनशन करने की अनुमति प्रदान की गई है. उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए. उनके अनुसार, वह शुरुआत से ही छात्रों के साथ खड़े रहे हैं और भविष्य में भी उनके संघर्ष में हरसंभव सहयोग करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील और पारदर्शी निर्णय लेना सरकार की जिम्मेदारी है.

अनशन की घोषणा से पहले जयराम महतो ने विधानसभा अध्यक्ष के अलावा स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन से भी मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से छात्र आंदोलन का जल्द और सकारात्मक समाधान निकालने की अपील की. उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी आंदोलन और भूख हड़ताल को देखते हुए सरकार को तत्काल पहल करनी चाहिए. जयराम महतो ने विशेष रूप से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ये छात्र किसी के बेटे-बेटियां हैं और उनकी सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. यदि आंदोलन लंबा खिंचता है तो छात्रों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए उनसे बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए.

गौरतलब है कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र पिछले 14 दिनों से JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं. अब जयराम महतो के अनशन के ऐलान के बाद इस आंदोलन को नया राजनीतिक समर्थन मिला है, जिससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे के और अधिक चर्चा में रहने की संभावना है.