Jharkhand

मिशन डिजिटल झारखंड 2029: आईटी हब बनेगा राज्य,सीएम ने की विभाग की समीक्षा बैठक

Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर
मिशन डिजिटल झारखंड 2029: आईटी हब बनेगा राज्य,सीएम ने की विभाग की समीक्षा बैठक

रांची(RANCHI): झारखंड में सभी सेक्टर को हाई टेक बनाने की दिशा में राज्य सरकार आगे बढ़ रही है.डिजिटल झारखंड को लेकर मिशन 2029 तय किया गया है. जिसमें सुरक्षा के साथ साथ ई-गवर्नेंस पर जोर दिया गया.इसी कड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग के कार्यों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की.

बैठक में ई-गवर्नेंस परियोजनाओं. डिजिटल सेवाओं के विस्तार. साइबर सुरक्षा. डेटा प्रबंधन. सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण और  आईटी आधारित नवाचारों की विस्तृत समीक्षा की गई. इस दौरान डिजिटल झारखंड विजन 2029 पर विशेष चर्चा हुई.  जिसमें अधिकारियों ने आई.टी पार्क निर्माण की रूपरेखा और  साइट प्लान प्रस्तुत किया और मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए. साथ ही चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के विकास पर भी विचार-विमर्श हुआ.  जिसके माध्यम से सभी विभागों के डेटा एवं पोर्टलों का समेकित आकलन किया जा सकेगा.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग एवं प्रत्येक जिले में आईटी अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए. ताकि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़े. उन्होंने सभी विभागों के डेटा को केंद्रीकृत प्रणाली में एकीकृत करने पर बल दिया. जिससे बेहतर समन्वय और निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके. बैठक में झारखंड स्टेट डेटा सेंटर को सुदृढ़ बनाने तथा डेटा की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई.

दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक तकनीक पहुंचे तभी साकार होगा डिजिटल झारखंड का सपना

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने कहा डिजिटल झारखंड का सपना तभी साकार होगा. जब तकनीक का लाभ राज्य के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचे. इसके लिए यह आवश्यक है कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए. ताकि कोई भी नागरिक सूचना और सेवाओं से वंचित न रहे. सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नवाचार. पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक आम लोगों के जीवन को सरल. सुलभ और सुगम बनाए.

उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक तकनीकों के समुचित उपयोग से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक सुदृढ़ और जवाबदेह बनेगी. बल्कि सेवा वितरण प्रणाली में भी गति आएगी. डिजिटल माध्यमों के सशक्त उपयोग से शासन में पारदर्शिता बढ़ेगी. योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार होगा और राज्य को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस एवं स्थायी प्रगति सुनिश्चित की जा सकेगी.

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण एवं 5G विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्यों की समीक्षा करते हुए राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यापक मैपिंग कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य सुनिश्चित किया जाए. मुख्यमंत्री ने आगामी तीन वर्षों में राज्य के सभी पंचायतों को 5G नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सके.

बैठक में भारतनेट फेज-3. कनेक्टिंग झारखंड और स्टेट वाइड नेटवर्क (JharNet 2.0) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को राज्य के डिजिटल विकास की आधारशिला बताते हुए कहा कि एक मजबूत. सुरक्षित और एकीकृत डिजिटल नेटवर्क राज्य सरकार की कार्यप्रणाली की रीढ़ सिद्ध होगा. इसके माध्यम से डेटा. वॉयस एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी. जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति. पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी.

डेटा केंद्रीकरण. साइबर सुरक्षा और डिजिटल सक्सेशन चार्ट को नियमित अपडेट करने के निर्देश

जैप-आईटी (JAP-IT) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान में रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए. ताकि विभागीय कार्यों की गति और दक्षता में वृद्धि हो सके. इसके साथ ही पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी नेटवर्क. Lidar और  सैटेलाइट आधारित परियोजनाओं की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई और इन परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर बल दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक सुशासन का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ें. ताकि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ सरल. पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से प्राप्त हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक का उद्देश्य प्रशासन को अधिक जवाबदेह. पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है. मुख्यमंत्री ने सभी विभागों में फोटोयुक्त डिजिटल सक्सेशन चार्ट तैयार कर उसे नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए. जिससे अधिकारियों की पहचान और प्रशासनिक स्पष्टता बनी रहे. उन्होंने राज्य के सभी विभागों के डेटा को एक समान प्रारूप में केंद्रीकृत करने तथा अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करने पर जोर देते हुए नियमित सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

इंटरनेट शैडो क्षेत्रों की पहचान कर राज्यभर में डिजिटल कनेक्टिविटी विस्तार पर जोर

राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने इंटरनेट शैडो क्षेत्रों (जहां नेटवर्क उपलब्ध नहीं है या अत्यंत कमजोर है) की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क विस्तार करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य का कोई भी गांव. कस्बा या शहर डिजिटल सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र तक 5G इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए  ठोस और  समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा. ताकि शिक्षा. स्वास्थ्य. प्रशासनिक सेवाओं एवं डिजिटल शासन को नई गति मिल सके. बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना की प्रगति से भी अवगत कराया. उन्होंने बताया कि योजना के पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की संख्या. उनकी जांच प्रक्रिया तथा अब तक पात्र लाभुकों को किए जा रहे आधार-आधारित भुगतान की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई. इस संबंध में अधिकारियों द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन. पारदर्शिता एवं समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए  अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की रूपरेखा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई.

न्यायिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण और  आईटी इकोसिस्टम के विकास पर हो कार्य

मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने सभी जिला न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम स्थापित करने के सुझाव दिए. ताकि न्यायाधीशों. अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के बीच संवाद अधिक स्पष्ट. सुगम और प्रभावी हो सके तथा न्यायिक कार्यों में दक्षता सुनिश्चित की जा सके.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास केवल आईटी पार्क निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए. बल्कि एक समग्र एवं सुदृढ़ आईटी इकोसिस्टम विकसित किया जाना आवश्यक है. इसके अंतर्गत आईटी उद्योगों को प्रोत्साहन. स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा. नवाचार एवं अनुसंधान को समर्थन. कौशल विकास को सुदृढ़ करना और  व्यापक स्तर पर रोजगार के साथ  स्वरोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए प्रभावी और  व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए. जिससे युवाओं के लिए आईटी क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध हो सकें. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विभाग की सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए. ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके.

उक्त बैठक में मुख्य सचिव  अविनाश कुमार. विकास आयुक्त  अजय कुमार सिंह. विभागीय सचिव मती पूजा सिंघल. विशेष सचिव  सुनील कुमार सिंह. निदेशक आई.टी सु माधवी मिश्रा. सी.ई.ओ जैप-आईटी  चंदन कुमार तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.