Jharkhand

मंईयांओं को बड़ा झटका, कट गए एक लाख लाभुकों के नाम, जानिए इसके पीछे की वजह

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
मंईयांओं को बड़ा झटका, कट गए एक लाख लाभुकों के नाम, जानिए इसके पीछे की वजह

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की लाभुकों के लिए बड़ी खबर है. अब राज्य की लाभुक मंईयांओं की सूची से करीबन एक लाख महिलाओं का नाम कट चुका है. यहाँ मामला मंईयां योजना के सत्यापन और पात्रता से जुड़ा है. ऐसे में सम्मान योजना की लाभुकों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है. दरअसल नए वित्तीय वर्ष में चल रहे व्यापक सत्यापन अभियान के बाद योजना से बड़ी संख्या में अपात्र लाभुकों के बाहर होने की संभावना है. अधिकारियों का अनुमान है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों का आंकड़ा 50 लाख से भी नीचे पहुंच सकता है.

बताते चले कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 जनवरी 2025 को पहली बार इस योजना के तहत 56.61 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 1,415.44 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की थी. हालांकि, समय के साथ पात्रता की जांच और रिकॉर्ड सत्यापन के कारण लाभुकों की संख्या लगातार घटती गई. अक्टूबर 2025 तक यह आंकड़ा घटकर 51.04 लाख रह गया.

अब सरकार द्वारा चलाए जा रहे नए सत्यापन अभियान के बाद बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है. इससे योजना का दायरा और सीमित हो सकता है. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे. वहीं सत्यापन प्रक्रिया के दौरान वैसी मंईयां जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन्हें अब इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. उनके नाम अब सूची से हटाए जा रहे हैं. ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है की इस कारण से करीबन एक लाख से ज्यादा लाभुक महिलाओं के नाम काटे जा सकते हैं. 

हालांकि अभी तक किसी भी जिले ने अपनी अंतिम रिपोर्ट विभाग को नहीं सौंपी है, पर सबसे अहम बात यह है कि जिन महिलाओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, उनकी जगह फिलहाल नए पात्र लाभार्थियों को शामिल नहीं किया जा रहा है. वहीं सत्यापन के दौरान लाभुकों की पात्रता और योग्यता की जांच की जा रही है. ऐसे में वैसी महिलायें उम्र 50 वर्ष से ज्यादा है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. साथ ही मंईयां योजना का लाभ पाने के लिए मंईयांओं के पास झारखण्ड की स्थायी निवासी का प्रमाण होना जरूरी है. इसके अलावा उनके पास वैध राशन कार्ड होना चाहिए. साथ ही परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. साथ ही महिलाओं के पास स्वयं का बैंक खाता होना चाहिए जो आधार कार्ड से जुड़ा हो और जिसमें DBT सक्रिय हो. साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए पीला, गुलाबी, हरा या सफेद राशन कार्ड होना जरूरी है. 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि केंद्र या राज्य सरकार की नौकरी करने वाले परिवारों की महिलाओं, आयकर देने वाले परिवारों की महिलाओं और पहले से किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ ले रही महिलाओं को इस योजना के लिए अपात्र माना जा रहा है.