रांची (RANCHI): रांची पुलिस ने एक बड़े अंतरजिला साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. यह कामयाबी पुलिस को कांके रोड स्थित चांदनी चौक, धावन नगर के समीप 'रॉक व्यू अपार्टमेंट' के एक फ्लैट में छापेमारी के दौरान मिली. जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों की पहचान जामताड़ा के काजल कुमार मंडल, रामगढ़ के आनंद कुमार, शाकिब अंसारी, आर्यन कुमार और बोकारो के बिक्की कुमार के रूप में हुई है. इस गिरोह के पास से पुलिस ने 50 पासबुक, 26 डेबिट कार्ड, तीन फर्जी आधार कार्ड, विभिन्न बैंकों के आठ चेकबुक और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. एसएसपी राकेश रंजन ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस कार्रवाई को सदर डीएसपी के नेतृत्व में गोंदा थाना प्रभारी अभय कुमार और उनकी टीम ने अंजाम दिया.
बताते चले, पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि वे दूसरे लोगों के नाम पर फर्जी पहचान पत्र और जाली दस्तावेज तैयार कर अलग-अलग बैंकों में फर्जी अकाउंट खोलते थे. इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से कमाए गए पैसों को ठिकाने लगाने और ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता था. अपराधियों ने यह भी कबूला कि जिस फ्लैट से वे पकड़े गए हैं, वह "निखिल भैया" नाम के एक व्यक्ति का है. उसी मास्टरमाइंड ने इन सभी को रांची बुलाकर फ्लैट में ठहराया था और साइबर क्राइम करने के नए-नए तरीके सिखा रहा था. पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना निखिल की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
इसके साथ ही एसएसपी ने बताया कि पुलिस को काफी समय से रॉक व्यू अपार्टमेंट के इस फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियां चलने की गुप्त सूचना मिल रही थी. सूचना को सत्यापित करने के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया. छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से ही सभी पांचों अपराधियों को दबोच लिया, जिससे उन्हें भागने या सबूत मिटाने का मौका नहीं मिला. इस पूरी कार्रवाई और प्रेस वार्ता के दौरान सिटी एसपी पारस राणा, सदर डीएसपी संजीव बेसरा सहित गोंदा थाना के कई वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे. पुलिस इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत की भी गहराई से जांच कर रही है.
