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Jharkhand

झारखंड के VIP सुरक्षा में बड़ा बदलाव, CM के दिल्ली दौरे पर बढ़ेगा काफिला, स्पेशल कमांडो भी होंगे तैनात

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी चल रही है. खास तौर पर जब ये VIP दिल्ली या दूसरे राज्यों के दौरे पर जाएंगे, तब उनकी सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस मुद्दे पर हाल में पुलिस मुख्यालय में बैठक भी हुई थी.

मुख्यमंत्री और राज्यपाल के लिए नई व्यवस्था

प्रस्ताव के मुताबिक मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के दौरान काफिले में तीन से ज्यादा वाहन रखे जा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमांडो भी सुरक्षा में लगाए जाएंगे. दिल्ली में पहले से तैनात झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच के जवानों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी.

वहीं, राज्यपाल के दिल्ली जाने पर मुख्य वाहन के साथ एक अतिरिक्त वाहन रखने का प्रस्ताव है. उनकी सुरक्षा में दिल्ली पुलिस के दो स्पेशल कमांडो तैनात किए जा सकते हैं. झारखंड भवन में तैनात स्पेशल ब्रांच के 45 जवानों में से 8 को राज्यपाल की सुरक्षा में लगाया जाएगा.

पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की भी सुरक्षा

पूर्व मुख्यमंत्रियों के दिल्ली दौरे के दौरान भी झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच के जवान सुरक्षा में मौजूद रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को पहले से Z Plus सुरक्षा मिली हुई है. ऐसे में दिल्ली दौरे के दौरान भी उनकी सुरक्षा इसी स्तर के मुताबिक रखने का प्रस्ताव है.

मंत्रियों के दिल्ली दौरे के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था तय करने की तैयारी है. उनके साथ एक वाहन और सुरक्षा कर्मी रहेंगे. जरूरत पड़ने पर वाहनों और जवानों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी.

दिल्ली में पहले से तैनात हैं 45 जवान

दरअसल, झारखंड से VIP के विमान से दूसरे राज्यों में जाने पर राज्य पुलिस के जवानों को साथ ले जाने में कुछ सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होते हैं. इसी वजह से दिल्ली स्थित झारखंड भवन में स्पेशल ब्रांच के करीब 45 जवान पहले से तैनात हैं.

जब झारखंड का कोई वीआईपी दिल्ली पहुंचता है, तो इन्हीं जवानों में से सुरक्षा के लिए टीम तैयार की जाती है. जरूरत पड़ने पर दिल्ली पुलिस से भी अतिरिक्त सुरक्षा मांगी जाती है.

पुलिस मुख्यालय की बैठक में वीआईपी के साथ जाने वाले वाहनों और सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. प्रस्ताव में दो से ज्यादा वाहनों की व्यवस्था और जरूरत के हिसाब से दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त फोर्स लगाने की बात कही गई है.