Jharkhand

RIMS जमीन घोटाले में ACB का बड़ा एक्शन, ₹14 करोड़ का अपार्टमेंट बनाने वाला चर्चित बिल्डर गिरफ्तार

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड में रिम्स (RIMS) की सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चर्चित बिल्डर को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने रिम्स की विवादित जमीन पर करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से अपार्टमेंट का निर्माण कराया था. इस गिरफ्तारी के बाद सरकारी जमीन पर कब्जे से जुड़े पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है. एसीबी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रिम्स की मोरहाबादी मौजा की लगभग 8 एकड़ और कोकर मौजा की 1.65 एकड़, यानी कुल 9.65 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया था. अधिकारियों के अनुसार, इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है.

जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित जमीन घोटाले में कई नए तथ्य सामने आए हैं. एजेंसी के अनुसार, इस पूरे मामले में पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन के दस्तावेज तैयार कराने वाला एक अन्य अहम आरोपी प्रमोद महतो फिलहाल फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए एसीबी ने अदालत से वारंट प्राप्त कर लिया है. बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए प्रमोद महतो ने एसीबी की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की थी.

जांच एजेंसियों का दावा है कि सरकारी जमीन हड़पने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई थी. आरोप है कि भू-माफियाओं, बिल्डरों और अन्य लोगों की मिलीभगत से फर्जी वंशावली, जाली दस्तावेज और नकली वारिस तैयार किए गए. इतना ही नहीं, रिकॉर्ड में मृत व्यक्तियों को जीवित दिखाकर उनके नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने का भी आरोप है. एसीबी अब पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित घोटाले में और किन-किन लोगों की संलिप्तता रही तथा सरकारी जमीन के हस्तांतरण में किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे भी कई अहम कार्रवाई की जा सकती है.