Jharkhand

स्वतंत्रता दिवस पर झारखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धियां, नक्सल और अपराध पर कसा शिकंजा

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
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RANCHI:झारखंड पुलिस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े ही धूम धाम के साथ मनाया गया. पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने ध्वजारोहण कर झंडे को सलामी दी. इस दौरान डीजीपी ने झारखंड पुलिस की उपलब्धियों के बारे में बताया. जिसमें उग्रवाद से लेकर अपराध पर कैसे पुलिस ने बीते दिनों कामयाबी हाशिल की है. इसका पूरा ब्योरा जनता के बीच रखा है. साथ ही यह दोहराया की जनता की सेवा ही पुलिस का कर्तव्य है. 

पुलिस महानिदेशक के अनुसार, जनवरी से 5 अगस्त 2026 तक झारखंड में 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा भी शामिल हैं. इसी अवधि में 46 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि पुलिस मुठभेड़ों में 22 नक्सली मारे गए. इनमें एक करोड़ रुपये के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल हैं. अभियानों के दौरान 98 हथियार, 7470 कारतूस, करीब 11 किलोग्राम विस्फोटक, तीन आईईडी और लगभग छह लाख रुपये की लेवी बरामद की गई.

जनवरी से जुलाई तक संगठित अपराध से जुड़े 193 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से 63 हथियार और 274 गोलियां जब्त की गईं. वहीं, 50 अपराधियों पर सीसीए के तहत कार्रवाई की गई.

मादक पदार्थों के खिलाफ भी पुलिस ने अभियान चलाया. जनवरी से जून के बीच नशीले पदार्थों के अवैध इस्तेमाल और कारोबार से जुड़े 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने कई तरह के प्रतिबंधित पदार्थ भी बरामद किए.

साइबर अपराध के खिलाफ चलाए गए अभियानों में जनवरी से जून तक 486 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान 17 लाख रुपये से अधिक की रकम सहित अन्य अवैध सामान बरामद हुआ. पुलिस साइबर ठगी से पीड़ित लोगों को जब्त रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है.

पुलिस आधुनिकीकरण के तहत राज्य पुलिस को 636 चार पहिया और 849 दोपहिया वाहन उपलब्ध कराए गए. इससे त्वरित कार्रवाई और कानून-व्यवस्था संभालने की क्षमता बढ़ी है. डायल-112 की प्रतिक्रिया व्यवस्था में भी सुधार हुआ. जनवरी में औसत रिस्पॉन्स टाइम 9 मिनट 41 सेकंड था, जो जुलाई में घटकर 9 मिनट 12 सेकंड रह गया.

 

जनवरी से जुलाई के बीच पुलिस कल्याण और शिक्षा से जुड़े विभिन्न कोषों के माध्यम से हजारों पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई. 153 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति मिली, जबकि 84 अन्य मामलों को भी नियुक्ति के लिए योग्य पाया गया. 37 वीरता पदक प्राप्त पुलिसकर्मियों को समय से पहले पदोन्नति दी गई.

समारोह के अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिसकर्मियों से राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए ईमानदारी से काम करने का संकल्प लेने की अपील की. उन्होंने साइबर अपराध, नशाखोरी और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों के खिलाफ मिलकर काम करने पर जोर दिया.