Jharkhand

JSSC CGL विवाद: देवेंद्र महतो गुट निकालेगा आभार यात्रा, अब परीक्षा नहीं व्यवस्था में बदलाव की मांग

Rashmi Prasad  CE
Rashmi Prasad CE
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रांची (RANCHI): जिले में JSSC CGL समेत TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद छात्र आंदोलन के देवेंद्र महतो गुट ने अपने आंदोलन की अगली रणनीति तय कर ली है. गुट की ओर से आज आभार यात्रा निकाली जाएगी. यह यात्रा शाम 4 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक जाएगी. छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा रद्द करने का फैसला लंबे समय से चल रहे आंदोलन की बड़ी उपलब्धि है और इसी को लेकर सरकार के प्रति आभार जताने के लिए यात्रा आयोजित की जा रही है. गुट ने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों ने लगातार और संगठित तरीके से अपनी मांगें उठाईं, जिसके बाद सरकार को परीक्षा रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा. छात्र नेताओं के मुताबिक यह फैसला उनके संघर्ष की अहम जीत है.

हालांकि, देवेंद्र महतो गुट ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा रद्द होना आंदोलन का अंतिम पड़ाव नहीं है. अब छात्रों का फोकस परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में स्थायी सुधार पर रहेगा. छात्र नेताओं की मांग है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निगरानी के लिए एक अलग कमेटी का गठन किया जाए. यह कमेटी परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण का ऑडिट करे और तय SOP का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे. उनका कहना है कि केवल परीक्षा रद्द करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. ऐसी व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिसमें पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता या किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके. इसके साथ ही गुट ने झारखंड विधानसभा में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर विशेष कानून या बिल लाने की भी मांग की है, ताकि जिम्मेदारी तय करने के साथ अभ्यर्थियों के हितों की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

छात्र नेताओं ने कहा कि आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों को कई तरह की परेशानियों और मुश्किलों से गुजरना पड़ा. उनका कहना है कि उनका संघर्ष केवल मौजूदा अभ्यर्थियों के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के छात्रों के भविष्य के लिए भी है. गुट का उद्देश्य है कि भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में गड़बड़ी होने पर छात्रों को अपनी मांगों के लिए लंबे समय तक सड़क पर आंदोलन न करना पड़े. छात्र नेताओं के अनुसार भूख हड़ताल फिलहाल खत्म कर दी गई है, लेकिन आंदोलन को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है. जब तक परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस और प्रभावी प्रणाली तैयार नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है.