रांची (RANCHI): झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा सुधार को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री आवास के घेराव की खबरों पर अब JPSC-JSSC Reform मंच ने स्थिति साफ कर दी है. मंच ने ऐसी खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि फिलहाल मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर संगठन की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. छात्रों और समर्थकों से अपील की गई है कि वे बिना पुष्टि किसी भी खबर पर भरोसा न करें.
CM आवास घेराव पर अभी कोई फैसला नहीं
रिफॉर्म मंच की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री आवास के घेराव को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से चल रही खबरें संगठन की आधिकारिक घोषणा नहीं हैं. मंच ने कहा कि आंदोलन के अगले चरण को लेकर जब भी कोई निर्णय लिया जाएगा, उसकी जानकारी आधिकारिक तौर पर दी जाएगी. संगठन के मुताबिक, आंदोलन की रणनीति और आगे के कार्यक्रम को लेकर चर्चा जारी है. किसी भी नए कार्यक्रम की घोषणा मंच के अधिकृत प्रवक्ताओं के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जाएगी. ऐसे में छात्रों से अपील की गई है कि वे किसी अनधिकृत पोस्ट या संदेश के आधार पर आंदोलन से जुड़ा फैसला न लें.
JSSC-CGL पर रुख अब भी साफ
रिफॉर्म मंच ने JSSC-CGL परीक्षा को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है. मंच का कहना है कि JSSC-CGL से जुड़ी मांग आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है और इस मामले में संगठन की स्थिति पहले की तरह स्पष्ट है. मंच ने दो टूक कहा कि JSSC-CGL से जुड़ी मांग पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. यानी आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल इस मुद्दे को लेकर संगठन पीछे हटने के मूड में नहीं है.
अफवाहों से बचने की अपील
छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की सूचनाएं सामने आने के बाद मंच ने अपने समर्थकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. संगठन ने कहा कि आंदोलन से संबंधित किसी भी कार्यक्रम, तारीख या रणनीति की जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से ही मान्य होगी. मंच ने छात्रों और समर्थकों से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों, अपुष्ट दावों और सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों को लेकर सतर्क रहें. संगठन की ओर से कहा गया है कि भविष्य में आंदोलन को लेकर जो भी फैसला होगा, उसे आधिकारिक प्रवक्ता सार्वजनिक रूप से सामने रखेंगे.
फिलहाल मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर स्थिति स्पष्ट है कि रिफॉर्म मंच ने ऐसा कोई कार्यक्रम घोषित नहीं किया है. वहीं JSSC-CGL समेत आंदोलन की अन्य मांगों को लेकर मंच अपने रुख पर कायम है. आगे आंदोलन किस दिशा में जाएगा और क्या नया कार्यक्रम घोषित किया जाएगा, इसकी जानकारी संगठन की आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगी.
