Jharkhand

JPSC-JSSC परीक्षा घोटाला: CID को मिले बड़े सुराग, अभय तिवारी की भूमिका पर जांच तेज

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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रांची (RANCHI): झारखंड JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की जांच कर रही CID को जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं. एजेंसी ने जांच के दायरे को लगातार बढ़ाते हुए कई दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल की है. इसी क्रम में अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी की भूमिका को लेकर भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने का दावा किया गया है. सीआईडी का कहना है कि अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है.

जांच एजेंसी के अनुसार, अभय कुमार तिवारी को परीक्षा से जुड़े कथित नेटवर्क की एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. प्रारंभिक जांच में उसके संपर्क, गतिविधियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधों की जानकारी सामने आई है. सीआईडी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक, अभ्यर्थियों तक पहुंच और अन्य गतिविधियों में उसकी क्या भूमिका रही. एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान की जा सके.

सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जांच एजेंसी का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखना और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. इस मामले पर अभ्यर्थियों और आम लोगों की नजर बनी हुई है, क्योंकि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा लंबे समय से राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है.