रांची (RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है. आयोग के तीन वरिष्ठ सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र झारखंड के राज्यपाल को भेजा है. JPSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद जारी है. अभ्यर्थी और छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर पारदर्शी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इसी बीच तीन सदस्यों का एक साथ इस्तीफा कई सवाल खड़े कर रहा है. वहीं, इन तीनों सदस्यों से CID सोमवार को पूछताछ करेगी. माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान आयोग की परीक्षाओं और उनसे जुड़े विवादित मामलों को लेकर अहम जानकारी सामने आ सकती है.
उधर, JPSC-JSSC की कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच करीब सात घंटे तक चली बैठक के बाद भी कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका. बैठक में सरकार की ओर से JSSC CGL परीक्षा की जांच CID से कराने का आश्वासन दिया गया. साथ ही परीक्षा की जांच रिटायर्ड जज से कराने की बात भी सामने आई है. सरकार ने छात्रों की अन्य मांगों और परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच का भरोसा भी दिया. वहीं 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने के मुद्दे पर सहमति बनने की बात कही जा रही है, लेकिन अंतिम फैसला लेने से पहले शिक्षा जगत के विशेषज्ञों और अन्य संबंधित लोगों से राय ली जाएगी. इसके बाद ही परीक्षा रद्द करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
सरकार के इन आश्वासनों के बावजूद छात्र पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर ठोस और स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा. छात्र JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. छात्रों ने अब 10 अगस्त को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है. उनका कहना है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा. वहीं, तीन JPSC सदस्यों के इस्तीफे और CID की प्रस्तावित पूछताछ के बाद पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है.
