Jharkhand

JPSC-JSSC विवाद: रांची में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, पहली बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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रांची (RANCHI): JPSC-JSSC  की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में सोमवार को राजधानी रांची की सड़कों पर छात्रों का लगातार भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. प्रदर्शन के दौरान छात्रों का आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी प्रदर्शन दौरान जैसे ही छात्रों का हुजूम पहली बैरिकेडिंग के पास पहुंचा, पुलिस ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया. प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से निर्धारित स्थान पर रहने की अपील की गई, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हुए. इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई. आक्रोशित छात्रों ने पुलिस की पहली बैरिकेडिंग को बलपूर्वक तोड़ दिया और आगे बढ़ने लगे. प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी. पुलिस की ओर से लगातार स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया. विधानसभा मार्च के कारण राजधानी के संबंधित इलाकों में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई.

बता दें, प्रदर्शन के दौरान छात्र ‘भारत माता की जय’ और ‘रोजगार दो’ जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे. छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. पुराने विधानसभा के आसपास कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों की भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही और स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती गई.

प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों का कहना है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही कथित विसंगतियों, परीक्षा प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों और पेपर लीक के मामलों ने हजारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है. छात्रों की मांग है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभ्यर्थियों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. सोमवार का प्रदर्शन इसी आंदोलन का हिस्सा है, जिसने JPSC-JSSC विवाद को एक बार फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में ला दिया है.