रांची (RANCHI): झारखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज़ कुछ बदला बदला सा नजर आ रहा है. ऐसे में राज्य का मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. 15 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बनने की संभावना है. मौसम केंद्र रांची के पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी भी चल सकती है. ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. खासकर खुले इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
मौसम केंद्र रांची की 14 सितंबर को जारी जिला-वार रिपोर्ट के अनुसार, 15 सितंबर को राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. रांची में दिनभर बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना बनी रह सकती है. सुबह और दोपहर के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है.
जमशेदपुर और पूर्वी सिंहभूम में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. धनबाद में अधिकतम 32 और न्यूनतम 25 डिग्री, जबकि बोकारो में 32 और 26 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है. हजारीबाग में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 23 डिग्री रहने की संभावना है. देवघर में 32 और 25 डिग्री सेल्सियस तापमान का अनुमान है.
दुमका में अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 26 डिग्री, गिरिडीह में 31 और 24 डिग्री, पलामू में 33 और 25 डिग्री तथा गढ़वा में 33 और 25 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है. चतरा में भी अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 25 डिग्री रहने का अनुमान है. दूसरी ओर, लोहरदगा में अधिकतम 30 और न्यूनतम 23 डिग्री, गुमला में 31 और 23 डिग्री, सरायकेला में 33 और 25 डिग्री तथा पश्चिमी सिंहभूम में 33 और 25 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने की संभावना है. साहिबगंज में अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
बारिश के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. मौसम खराब होने पर खुले मैदान, खेत, तालाब या जलाशय के पास जाने से बचना चाहिए. पेड़ के नीचे खड़े होने और बिजली के खंभों या ऊंची संरचनाओं के पास रहने से भी बचने की सलाह दी जाती है. किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए. मौसम की स्थिति में अचानक बदलाव संभव है. इसलिए जिला स्तर पर जारी होने वाली ताजा चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है. विशेष रूप से वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहना ही सबसे बेहतर विकल्प है.
