रांची(RANCHI): झारखंड में SIR की प्रक्रिया लगातार तेज चल रही है. इसी कड़ी में राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर मेगा हेल्पडेस्क सह बीएलओ-बीएलए-2 की बैठक आयोजित की गई. इस अवसर पर चुनाव पाठशाला का भी आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से SIR के तहत पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई और उन्हें आवश्यक आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रेरित किया गया.
कार्यक्रम के दौरान लोगों को बताया गया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किस तरह आवेदन करना है, फ़ॉर्म कैसे भरना है और इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया क्या है. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आयोजित इस अभियान के तहत राज्यभर में लोगों को जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई गई.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने हजारीबाग और रामगढ़ जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मेगा हेल्पडेस्क की व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने वहां चल रही गतिविधियों और नागरिकों को दी जा रही सहायता की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने बीएलए-2 से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के पात्र नागरिकों तक पहुंचें और उन्हें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया समझाने के साथ आवेदन करने में भी सहयोग करें. वहीं, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया. राज्य के अन्य जिलों में भी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किए गए. अधिकारियों ने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं और हेल्पडेस्क की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया.
निर्वाचन विभाग की ओर से आयोजित चुनाव पाठशाला में युवाओं को विशेष रूप से मतदाता सूची में पंजीकरण की जानकारी दी गई. उन्हें आवेदन की प्रक्रिया और इससे संबंधित जरूरी सहायता के बारे में समझाया गया. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी पात्र भारतीय नागरिकों से अपील की कि यदि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें. उन्होंने बीएलओ और बीएलए-2 से भी लोगों की मदद करने को कहा. निर्वाचन विभाग का उद्देश्य है कि हर पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिले. साथ ही, मतदाता सूची में किसी अपात्र या विदेशी नागरिक का नाम शामिल न हो, यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया.
