Jharkhand

9 सितंबर को झारखंड पुलिस की बड़ी समीक्षा बैठक, छात्र आंदोलन से कानून-व्यवस्था तक DGP लेंगे रिपोर्ट

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड पुलिस मुख्यालय में 9 सितंबर को होने वाली एक अहम बैठक को लेकर पुलिस महकमे में तैयारियां तेज हो गई हैं. राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति से लेकर हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और विभाग से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी. पुलिस महानिदेशक (DGP), झारखंड की अध्यक्षता में यह उच्चस्तरीय बैठक दोपहर 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी. इसमें सभी जोनल IG, रेंज के DIG और जिलों के SSP व SP शामिल होंगे. बैठक में हाल के दिनों में विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से किए गए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए कानूनी कदमों की समीक्षा की जाएगी. अधिकारियों से प्रदर्शन के दौरान की गई कार्रवाई, दर्ज मामलों और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी ली जा सकती है.

बैठक में राज्य में बीट पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए लागू की जा रही QR स्कैनिंग व्यवस्था की प्रगति का भी जायजा लिया जाएगा. पुलिस मुख्यालय यह देखेगा कि इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है और इसमें जिलों की क्या प्रगति है.

पुलिसकर्मियों से जुड़े प्रशासनिक मामलों को भी बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया है. अधिकारियों और कर्मचारियों के ACP और MACP से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा होगी. इसके साथ ही थानों के मालखानों की मौजूदा स्थिति और मालखाना का प्रभार सौंपने से जुड़े लंबित मामलों पर भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी.

बैठक में अंतिम वेतन प्रमाण-पत्र से जुड़े लंबित मामलों को जल्द निपटाने पर भी जोर दिया जाएगा. पुलिस मुख्यालय की कोशिश है कि लंबे समय से अटके ऐसे प्रशासनिक मामलों का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए. बैठक को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को जरूरी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है. जोन और जिलों के अधिकारियों को अपने क्षेत्र के आंकड़े, उपलब्धियां और लंबित मामलों की स्थिति के साथ PPT (PowerPoint Presentation) तैयार रखने को कहा गया है. बैठक के दौरान अधिकारियों को अपने-अपने जिले और क्षेत्र की प्रगति पर प्रस्तुति भी देनी होगी. ऐसे में 9 सितंबर की यह बैठक कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस विभाग के प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.