Jharkhand

झारखंड सिर्फ खनन राज्य नहीं! नीति आयोग की बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने रखी अपनी बात

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):नई दिल्ली में हुई 11वीं नीति आयोग की बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड के विकास को लेकर अपनी सोच और लक्ष्य को सभी के सामने रखा.उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि झारखंड केवल खनिज निकालने वाला राज्य नहीं है. इसे रोजगार उद्योग और शिक्षा का केंद्र बनाना जरूरी है.ताकि स्थानिय लोगों को बाहर के राज्यो की ओर रुख ना करना पड़े और उन्हें राज्य के अंदर ही शिक्षा रोजगार मिल सके.

झारखंड सिर्फ खनन राज्य नहीं - सीएम हेमंत सोरेन

बैठक में हेमंत सोरेन ने साफ तौर पर अपनी बात को रखा और कहा कि झारखंड में खनिज संपदा की भरमार है लेकिन अगर इसको सिर्फ झारखंड के विकास के लिए उपयोग किया जाए तो राज्य का विकास तेजी से हो सकता है यानी यहाँ के संसाधनो का उपयोग राज्य के अंदर ही लोगों को रोजगार देने और उद्योग लगाने के लिए होना चाहिए.वही राज्य में नए उद्योग, तकनीकी संस्थान और रिसर्च सेंटर बनाना चाहिए.मुख्यमंत्री ने केंद्र से मदद भी मांगी है ताकि राज्य के युवाओं को शिक्षा, रोजगार का बेहतर अवसर मिल सके.और झारखंड के युवाओं को दूसरे राज्यों में जाकर आश्रित होने की जरूरत न पड़े.सीएम ने इलेक्ट्रॉनिक्स ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और कृषि आधारित उद्योग निवेश बढ़ाने की बात कही है साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा और कौशल विकास को राज्य के विकास की सबसे बड़ी जरूरत बताई है.

मुख्यमंत्री ने मुद्दों पर भी रखी अपनी बात

हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है.इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR से कुपोषण में सुधार हुआ है. बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है 5000 नए आंगनबाड़ी भवन राज्य सरकार अपने संसाधनों से बना रही है.सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे है. राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है. उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की. खेल संघों में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया.

केंद्र सरकार से खास सहयोग की अपील

हालांकी मुख्यमंत्री ने बैठक में इस बात की भी चर्चा की थी कि झारखंड में कई योजनाओं के जरिये स्वास्थ्य, रोजगार और शिक्षा का काम और विकास तेजी से किया जा रहा है, लेकिन अभी भी बहुत ज्यादा मदद की जरूरत है उन्होंने साफ तौर पर केंद्र सरकार से सहयोग की अपील की है ताकि विकसित भारत 1947 के लक्ष्य के साथ झारखंड तेजी से आगे बढ़ सके.