Jharkhand

भर्ती परीक्षा विवाद से गरमाया झारखंड, विधानसभा सत्र से पहले विपक्ष का बड़ा प्रदर्शन

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
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Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले ही राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है. सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर हमला तेज कर दिया है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी प्रमुख दलों ने इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर और बाहर जोरदार तरीके से उठाने की रणनीति बनाई है. विपक्ष का कहना है कि यह केवल परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और उनके भरोसे से जुड़ा विषय है, इसलिए सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना होगा.

JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदेश के कई हिस्सों में अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास छात्र कई दिनों से धरना और सत्याग्रह कर रहे हैं. अभ्यर्थियों की मांग है कि जिन परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए. विपक्ष का आरोप है कि सरकार की लापरवाही और समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाने के कारण हजारों युवाओं का भविष्य अनिश्चितता में फंस गया है. भाजपा, आजसू और अन्य सहयोगी दल इस पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग कर रहे हैं.

मानसून सत्र से पहले आयोजित NDA विधायक दल की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनी. विपक्षी नेताओं ने तय किया है कि विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले वे परिसर के बाहर प्रदर्शन करेंगे और अभ्यर्थियों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करेंगे. साथ ही सदन के भीतर भी भर्ती परीक्षा विवाद, रोजगार, युवाओं के हित और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की गई है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित कई विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और भर्ती प्रक्रिया में भरोसा बहाल नहीं होगा, तब तक यह मुद्दा लगातार उठाया जाता रहेगा.

वहीं, सत्तारूढ़ ‘इंडिया’ गठबंधन भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए पूरी तैयारी में है. सरकार का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (CID) कर रहा है. सरकार का दावा है कि जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. इसके साथ ही सत्ता पक्ष मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर हुई परीक्षा संबंधी विवादों, विशेष रूप से NEET से जुड़े मुद्दों को उठाकर केंद्र सरकार और भाजपा पर जवाबी हमला करने की रणनीति पर भी काम कर रहा है. ऐसे में विधानसभा का आगामी मानसून सत्र हंगामेदार रहने के पूरे आसार दिखाई दे रहे हैं.