रांची (RANCHI): झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सोमवार को अपने रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए रांची के रिम्स पहुंचे. उन्होंने कार्डियोलॉजी विभाग में अपने दिल से जुड़ी जरूरी जांच कराई. जांच पूरी होने के बाद कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत ने बताया कि वित्त मंत्री की सभी रिपोर्ट सामान्य आई हैं और फिलहाल उनकी सेहत को लेकर किसी तरह की परेशानी सामने नहीं आई है. डॉक्टरों की ओर से जांच के बाद उन्हें स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को लेकर जानकारी दी गई. वित्त मंत्री का यह चेकअप ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन के बाद हार्ट से जुड़ी बीमारियों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी हुई है.
स्वास्थ्य जांच कराने के बाद राधाकृष्ण किशोर ने लोगों से अपने दिल की सेहत को लेकर सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि शरीर में होने वाली किसी भी असामान्य परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासकर सीने में बेचैनी या दर्द जैसी समस्या होने पर इसे सिर्फ गैस मानकर घर पर बैठे रहना ठीक नहीं है. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और जरूरत के अनुसार जांच करानी चाहिए. वित्त मंत्री ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह देते हुए कहा कि समय रहते किसी बीमारी का पता चलने पर उसका इलाज शुरू करना आसान होता है और गंभीर स्थिति से बचने की संभावना भी बढ़ जाती है.
गौरतलब है कि शनिवार देर रात झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. उन्हें हार्ट अटैक आने के बाद इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. बताया जा रहा है कि इससे पहले उनकी पत्नी ने उन्हें डॉक्टर से सलाह लेने और इलाज कराने के लिए समझाया था, लेकिन उन्होंने चिकित्सकीय सलाह नहीं ली. इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई और अंततः उनका निधन हो गया.
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. उनके निधन से झारखंड के राजनीतिक गलियारे में भी गहरा दुख देखने को मिला. यह घटना एक बार फिर दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत को सामने लाती है.
इधर, विशेषज्ञों के अनुसार, सीने में दर्द या बेचैनी, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक पसीना या अचानक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य समस्या मानने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना और आवश्यक जांच कराना जरूरी है. समय पर चिकित्सकीय मदद मिलने से गंभीर स्थिति के जोखिम को कम किया जा सकता है.
