Jharkhand

SIR की प्रक्रिया में मतदाता ही नहीं, BLO को भी झेलनी पड़ रही हैं इस तरह की परेशानियां, जानिए क्या है मामला

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

रांची : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर किए जाने के बाद मतदाता भी बड़ी संख्या में इस प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं. पहले इसकी समयसीमा 15 सितंबर तक थी, जिसे बढ़ाकर 30 सितंबर किया गया है.

मतदाता अपने बूथ पर पहुंचकर वोटर लिस्ट में नाम और दूसरी जानकारियों की जांच कर रहे हैं. जिन लोगों के नाम या दूसरी जानकारी में गलती है, वे उसमें सुधार करा रहे हैं. वहीं पात्र मतदाता निर्धारित फॉर्म के जरिए अपना नाम जुड़वाने की प्रक्रिया भी पूरी कर रहे हैं.

बूथ पर पहुंचकर गलतियां सुधार रहे लोग

द न्यूज पोस्ट से बातचीत में बूथ पर पहुंचे मतदाताओं और BLO ने बताया कि ज्यादातर जगहों पर प्रक्रिया सामान्य तरीके से चल रही है. लोग समय रहते बूथ पर पहुंच रहे हैं और मतदाता सूची से जुड़ी अपनी समस्याओं का समाधान करा रहे हैं.

SIR के दावा-आपत्ति चरण में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने या आपत्ति के लिए फॉर्म-7 और सुधार या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा रहा है.

BLO ने बताया दूसरा पहलू

इस पूरी प्रक्रिया का एक दूसरा पहलू बीएलओ से बातचीत के दौरान सामने आया. BLO के मुताबिक ज्यादातर लोग सहयोग कर रहे हैं, लेकिन कुछ मामलों में उन्हें परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है.

बीएलओ ने बताया कि जिन मतदाताओं की प्रक्रिया अधूरी है, उन्हें फोन करके जरूरी काम पूरा करने के लिए कहा जाता है. हालांकि कुछ लोग इसे बार-बार परेशान करने के तौर पर देखते हैं. ऐसे में बीएलओ के लिए मतदाताओं से संपर्क करना भी कई बार चुनौती बन रहा है.

SIR के साथ स्कूल का काम भी चुनौती

SIR में लगाए गए कुछ BLO के सामने दोहरी जिम्मेदारी भी है. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि एसआईआर का काम पूरा करने के साथ स्कूल की जिम्मेदारियां संभालना काफी व्यस्त और थकाने वाला हो रहा है. दोनों काम एक साथ होने के कारण नियमित कामकाज भी प्रभावित होने की बात उन्होंने कही.

हालांकि इन चुनौतियों के बीच बूथों पर पहुंचे ज्यादातर मतदाताओं का अनुभव सकारात्मक रहा. लोगों का कहना है कि बीएलओ सहयोग कर रहे हैं और मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिल रही है. अब दावा-आपत्ति के लिए 30 सितंबर तक का समय है और निर्वाचन अधिकारियों ने भी पात्र नागरिकों से अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है.