Jharkhand

रांची में मतदाता पंजीकरण पर हुई बड़ी चर्चा, SIR समेत कई अहम विषयों पर विशेषज्ञों ने रखी राय

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
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रांची (RANCHI) : झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार, 2 सितंबर से मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची को लेकर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, झारखंड ने केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के सहयोग से NUSRL रांची में “Voter Registration and Voter Registers 2026” सम्मेलन का आयोजन किया है. आईआईएम रांची, NUSRL और सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची इस आयोजन के नॉलेज पार्टनर हैं.

उद्घाटन कार्यक्रम में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव अरविंद आनंद मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति प्रो. सारंग मेधेकर, NUSRL के कुलपति प्रो. अशोक आर. पाटिल और सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर समेत कई शिक्षाविद, शोधकर्ता और विशेषज्ञ मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान सम्मेलन से जुड़ी दो पुस्तकों और स्मारिका का भी विमोचन किया गया.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य SIR तक सीमित न रहकर मतदाता पंजीकरण की व्यवस्था पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा करना है. उन्होंने बताया कि सम्मेलन के लिए 800 से ज्यादा विश्वविद्यालयों और संस्थानों से संपर्क किया गया था. इसके बाद 230 शोध सार प्राप्त हुए, जिनमें से विशेषज्ञ समिति ने 80 को चुना और अंतिम रूप से 58 शोध-पत्र चर्चा और प्रकाशन के लिए चयनित किए गए.

सम्मेलन में अलग-अलग देशों में अपनाई जा रही मतदाता पंजीकरण प्रणालियों, तकनीक, डेटाबेस, बायोमेट्रिक व्यवस्था, नागरिक रजिस्ट्रियों और लगातार मतदाता सूची अपडेट करने जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है. विशेषज्ञों ने नागरिकता, जागरूकता, लैंगिक भागीदारी, प्रवासी मतदाताओं और तकनीक के इस्तेमाल से जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार साझा किए.

NUSRL के कुलपति प्रो. अशोक आर. पाटिल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने शुद्धता और समावेशन के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत बताई. वहीं सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर ने युवा, प्रवासी और वंचित वर्ग के मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया.

केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति प्रो. सारंग मेधेकर ने कहा कि सम्मेलन अकादमिक शोध और निर्वाचन प्रशासन के अनुभवों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है. वहीं अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने कहा कि बदलती आबादी, प्रवासन और शहरीकरण के बीच मतदाता सूची को लगातार अपडेट रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि SIR के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास जारी है कि कोई पात्र नागरिक सूची से बाहर न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल न हो.