Jharkhand

JPSC-JSSC विवाद पर घमासान तेज, छात्रों के विधानसभा मार्च से BJP के CM आवास घेराव तक बढ़ा दबाव

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
Copy Editor

रांची(RANCHI): JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सोमवार को आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया. राज्य के सभी 24 जिलों से पहुंचे हजारों छात्र तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर नए विधानसभा भवन की ओर विधानसभा मार्च पर निकले. पुराने विधानसभा के पास प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पहला बैरिकेड तोड़ दिया और आगे बढ़ गए. छात्रों का यह आंदोलन सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई तीन दौर की वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद तेज हुआ है. बातचीत में परीक्षा रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की जांच, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और JSSC CGL मामले की CBI जांच समेत कई मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन CBI जांच के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा.

इसी बीच JPSC विवाद को लेकर BJP भी सरकार के खिलाफ आक्रामक हो गई. विधानसभा घेराव से पहले BJP के कई विधायक, पूर्व विधायक, नेता और कार्यकर्ता अचानक मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंच गए. CM आवास के पास प्रदर्शनकारियों ने JPSC परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. यह कार्यक्रम पूर्व निर्धारित नहीं था, जिसके कारण पुलिस प्रशासन को तत्काल सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को CM आवास के आसपास से हटाया और BJP के कई विधायकों, पूर्व विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. इससे पहले BJP नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आवास पर भी विधायकों की बैठक कर छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार को सड़क से सदन तक घेरने की रणनीति बनाई गई थी.

वहीं, JPSC मामले में जांच का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है. JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में राज्य CID ने कार्रवाई करते हुए अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते से CID चार दौर में पूछताछ कर चुकी है. अब ED ने भी मामले में आधिकारिक एंट्री करते हुए CID की प्राथमिकी के आधार पर ECIR दर्ज किया है. ED कथित परीक्षा धांधली से जुड़े आर्थिक नेटवर्क, लेन-देन और मनी ट्रेल की जांच करेगी. इस तरह छात्रों का आंदोलन, BJP का विरोध और CID-ED की जांच एक साथ आगे बढ़ने से JPSC-JSSC विवाद अब झारखंड की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है.