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गैस सिलेंडर की महँगाई के बीच रांची में हाहाकार, उपभोक्ताओं ने कहा, जेब पर हुआ है सीधा प्रहार

Rashmi Prasad CE
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गैस सिलेंडर की महँगाई के बीच रांची में हाहाकार, उपभोक्ताओं ने कहा, जेब पर हुआ है सीधा प्रहार

रांची (RANCHI): देशभर में रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें आम लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं. महंगाई के इस दौर में गैस सिलेंडर का खर्च कई परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है. खासकर मध्यम वर्ग और कम आय वाले परिवारों को इसका सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ रहा है. आपको बता दें कि आज ही रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इस बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है. पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों का कहना है कि गैस की कीमतों में लगातार इजाफा उनके लिए नई मुश्किलें खड़ी कर रहा है.

इस मुद्दे को लेकर The News Post की टीम ने आम लोगों से बातचीत की और उनकी राय जानने की कोशिश की. लोगों ने बताया कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का सीधा असर उनके घरेलू बजट पर पड़ रहा है. हर महीने रसोई का खर्च बढ़ता जा रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है. कई लोगों ने कहा कि उनके घर में छोटे बच्चे हैं और परिवार के सदस्य रोजाना काम या नौकरी के लिए बाहर जाते हैं. ऐसे में समय पर खाना बनना बेहद जरूरी होता है. लेकिन गैस सिलेंडर की उपलब्धता में आने वाली समस्याओं के कारण उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है. कई बार समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से खाना बनाने में परेशानी होती है और पूरे परिवार को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. लोगों का कहना है कि पहले से ही सब्जियों, राशन, बिजली और अन्य जरूरी सामान की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से घर का मासिक खर्च और बढ़ गया है. कुछ परिवारों ने बताया कि उन्हें अपने अन्य खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है ताकि जरूरी घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके.

बातचीत के दौरान कई लोगों ने एक और समस्या की ओर ध्यान दिलाया. उनका कहना था कि सिर्फ कीमत बढ़ना ही परेशानी नहीं है, बल्कि कई बार गैस की आपूर्ति और डिलीवरी से जुड़ी दिक्कतें भी सामने आती हैं. कुछ उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उन्हें समय पर डीएससी नंबर या डिलीवरी की जानकारी नहीं मिलती. इसके कारण सिलेंडर मिलने में देरी होती है और उन्हें अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है. कई लोगों ने कहा कि बढ़ी हुई कीमत के बावजूद वे सिलेंडर खरीदने को तैयार हैं, लेकिन समय पर गैस नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है. उनका मानना है कि अगर कीमतें बढ़ाई जा रही हैं तो उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा और समय पर डिलीवरी भी मिलनी चाहिए.

लोगों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि गैस सिलेंडर की कीमतों पर नियंत्रण रखने के साथ-साथ इसकी आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया जाए. उनका कहना है कि रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत है और इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. आम नागरिकों का मानना है कि यदि कीमतों में राहत और वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाए तो लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है. फिलहाल गैस की कीमतों में हुई 29 रुपये की ताजा बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है और वे आने वाले समय में राहत की उम्मीद कर रहे हैं.

रिपोर्ट : सौम्या शुक्ला